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चंद्र ग्रहण में इन लोगों की खुलने जा रही किस्मत कहीं आप ही तो नहीं वो..

moon 3 चंद्र ग्रहण में इन लोगों की खुलने जा रही किस्मत कहीं आप ही तो नहीं वो..

कल यानि की 5 जुलाई को साल का तीसरा ग्रहण लगने जा रहा है। क्योंकि ये ग्रहण गुरू पुर्णिमा के दिन लग रहा है। इसलिए लोगों के मन में इस ग्रहण को लेकर काफी चर्चा हो रही है।चंद्र ग्रहण सुबह 8 बज कर 54 मिनट में शुरू होगा और 11 बजकर 21 मिनट में समाप्त हो जाएगा, चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 2 घंटा 43 मिनट और 54 सेकेंड की होगी।दिन में चंद्र ग्रहण लगने के कारण भारत में यह दिखाई नहीं देने वाला है और यही वजह है कि इस ग्रहण का सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।

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धनु राशि के जातक बच कर रहें
यह चंद्र ग्रहण धनु राशि में लगेगा। धनु राशि में गुरु बृहस्पति और राहु मौजूद हैं। अतः ग्रहण के दौरान बृहस्पति पर राहु की दृष्टि धनु राशि को प्रभावित करेगी। धनु राशि के जातकों का मन अशांत रह सकता है। उनके मन में नकारात्मक विचार आ सकते हैं।

इन राशियों के जातकों की खुलने जा रही किस्मत
5 जुलाई को लगने वाले साल के तीसरे चंद्र ग्रहण पर गज केसरी योग बन रहा है। चंद्रमा और गुरु इस दौरान धनु राशि में होंगे। एक राशि में दोनों ग्रहों की युति गज केसरी योग बनाती है। चंद्र ग्रहण के दौरान बना गज केसरी योग कई राशि के जातकों का भाग्य खोल सकता है। मिथुन, कर्क, वृश्चिक, धनु और मकर राशि के जातकों को चंद्र ग्रहण पर गज केसरी योग का ज्यादा लाभ मिलेगा।

शुभ नहीं ये संयोग
पांच जून से लेकर पांच जुलाई के बीच का यह तीसरा ग्रहण है। ज्योतिषियों की मुताबिक एक महीने में अंतराल में तीन ग्रहण का पड़ना अशुभ माना जाता है। इसके प्रभाव से प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ सकता है।

चंद्र ग्रहण में भूलकर भी न करें ये काम
1-ग्रहण को नग्न आंखों से देखने का भी परहेज करना चाहिए।ग्रहण के समय भोजन करने और बनाने दोनों से बचना चाहिए। ग्रहण के बाद स्नान करने से उसका प्रभाव कम हो जाता है।

2-चंद्र ग्रहण के बाद बासी खाना या रात का बचा हुआ भोजन नहीं करना चाहिए। ऐसा भोजन पशुओं को डाल दें। घर में दूध से बनी चीजें रखी हैं तो उन्हें फेंकने की बजाए उनमें तुलसी के पत्ते डाल दें।

3-ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को ग्रहण की छाया आदि से विशेष रूप से बचना चाहिए। क्योंकि ग्रहण की छाया का कुप्रभाव गर्भस्थ शिशु पर पड़ने का डर रहता है। इसके अलावा बुजुर्ग और पीड़ित व्यक्ति को भी बाहर जाने से परहे करना चाहिए।

4-सूतक काल लगने के बाद उपासना या देव दर्शन करना वर्जित माने जाते हैं। साथ ही इस ग्रहण काल की अवधि में लोगों को देवी-देवताओं की मूर्ति को स्पर्श करने से बचना चाहिए। हालांकि उपछाया चंद्र ग्रहण होने की वजह से इस बार सूतक नहीं लगेगा।

5-ग्रहण के समय कभी बाल और नाखून न कटवाएं, इस समय कोई सिलाई-कढ़ाई का काम न करें। ये अशुभ माना जाता है। इस दौरान नुकीली चीजों जैसे की छुरी, कांटा या सूई का इस्तेमाल ना करें।

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किसी भी तरह के ग्रहण से बचने के लिए आप इन तरीको को अपना सकते हैं।

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