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राजस्थान: सरकारी कर्मचारियों को होगी प्रमोशन और इंक्रीमेंट में परेशानी, जानें क्या है वजह

कोरोना

सरकारी कर्मचारियों को लेकर राजस्थान सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। जिसके चलते अब राज्य के करीब साढ़े 8 लाख सरकारी कर्मचारियों को अपनी चल-अचल संपत्ति का पूरा ब्यौरा देना होगा।

सभी कर्मचारियों को देनी होगी जानकारी

बता दें कि राज्य सरकार के नियमानुसार अब टॉप ब्यूरोक्रेट्स से लेकर चपरासी तक के कर्मचारियों को अपनी संपत्ति की जानकारी देना जरूरी होगा। हालांकि अबतक सिर्फ गजेटेड अफसरों को ही अपनी संपत्ति का व्यौरा सरकार को देना होता था। लेकिन अब ये नियम सभी के लिए जरूरी कर दिया गया है।

जानकारी देने का अंतिम समय 31 अगस्त

वहीं संपत्ति की जानकारी देने की आखिरी तारीख राज्य सरकार ने 31 अगस्त रखी है। इस तारीख तक सभी कर्मचारियों को डिटेल मुहैया कराना जरूरी होगा। खबर है कि जो भी कर्मचारी ये नियम नहीं मानेगा, उसको प्रमोशन और इंक्रीमेंट में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। तो 1 जनवरी 2021 से मौजूदा संपत्ति की जानकारी कर्मचारियों को अब सरकार को देनी ही होगी।

चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा देना होगा

जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार के अंदर आने वाले सभी नियंत्रण बोर्ड, निगम संस्थाओं और राजकीय उपक्रमों पर ये नियम लागू होगा। उन्हें भी अब गजेटेड कर्मचारियों की तरह अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा देना होगा। गहलोत सरकार की तरफ से सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि वो अपने अधीन आने वाले कर्मचारियों को संपत्ति का ब्यौरा मुहैया करने का निर्देश दें।

प्रमोशन में होगी दिक्कत !

बता दें कि सरकारी कर्मचारियों को संपत्ति का ब्यौरा राजकाज सॉफ्टवेयर पर देना होगा। इस दौरान उनके पास ऑनलाइन IPR भरने का भी ऑप्शन होगा। सरकार के निर्देशानुसार जो भी कर्मचारी अपनी संपत्ति की जानकरी नहीं देंगे, तो उसका प्रभाव उनके सालाना इंक्रीमेंट, प्रमोशन, क्लीयरंस, विजिलेंस पर पड़ेगा।

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