affair 2 बिना झूठ बोले घरवाली-बाहरवाली को ऐसे संभालें

आपने अकसर एक्सट्रा मैरिटियल अफेयर के बारे में सुना होगा और कई ऐसे घर भी देखे होंगे जो किसी बाहरी  रिश्ते के चलते टूट गये होंगे। लेकिन  इससे पहले हमें ये जानना होगा कि सबकुछ जानते हुए भी लोग ऐसी गलती क्यों कर जाते हैं जिसकी वजह से उनका हंसता खेलता परिवार बिखर जाता है।

आखिर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की वजह क्या है? विशेषज्ञों का मानना है कि ज्यादातर केसेज में एक्स्ट्रा मैरिटल की स्थिति तभी आती है, जब आपकी पर्सनल लाइफ में आप कहीं कोई कमी महसूस कर रहे हों और इन्हीं कारणों के चलते ही आप किसी बाहरी इंसान से जुड़ जाते हैं। ये कंडीशन महिलाओं और पुरूषों दोनों पर ही लागू होती है।

आपको जानकर हैराना होगी ककि एक स्‍टडी की मानें तो कुछ ऐसे कपल्‍स भी हैं जो एक्‍सट्रा मैरिटल अफेयर्स को अपनी खुशी की वजह मानते हैं।

 

अमेरिका की मिसौरी स्‍टेट यूनिवर्सिटी की डॉ. एलीसिया वॉकर ने एश्‍ले मेडिसन नामकी एक डेटिंग साइट के एक हजार से ज्‍यादा यूजर्स के बीच एक सर्वे किया। जिसमें ये बात खुलकर सामने आयी कि कुछ लोगों ने सिर्फ अपने पार्टनर को सिर्फ इसलिए धोखा दिया क्योंकि वो अपने पार्टनर के साथ कुछ  कमी महसूस कर रहे थे। इस कमी को पूरा करने के लिए उन्होंने किसी तीसरे साथी का सहारा लिया।

एक्सट्रा मेरिटल अफेयर सिर्फ विदेशों में ही नहीं बल्कि भारत में भी खूब देखेने को मिलते हैं। जिसकी वजह कभी कई घर टूट जाते हैं तो कभी बड़े-बड़े क्राइम भी हो जाते हैं।

इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए देश की सबसे बड़ी अदालत ने सुप्रीम कोर्ट ने

150 साल पुरानी आईपीसी की धारा 497 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर अहम फैसला सुनाते हुए एडल्टरी यानी विवाहेतर संबंध को कानूनी करार दिया। इससे पहले अगर पुरूष पत्नी के होते हुए बहारी किसी महिला से रिश्ता रखता था तो उसे अपराध की श्रेणी में  माना जाता था लेकिन अब महिला हो या पुरूष शादी के बाद बाहर किसी से भी संबध रख सकते हैं और ये गैर-कानूनी भी नहीं है।

कोर्ट ने  अपने  फैसले में  कहा कि पुरुष हमेशा फुसलाने वाला, महिला हमेशा पीड़िता – लेकिन ऐसा अब नहीं होता। यह कानून महिला की चाहत और सेक्सुअल च्वॉयस का असम्मान करता है।

affair 1 बिना झूठ बोले घरवाली-बाहरवाली को ऐसे संभालें

 

कोर्ट के मुताबिक एडल्टरी तलाक का आधार हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं।

इसलिए आपको घबराने की जरूरत नहीं है। अगर आप भी शादी के बाद किसी से रिश्ता बना बैठे हैं और चाहकर भी उससे अलग नहीं पा रहे हैं और नहीं अपने परिवार को छोड़ पा रहे हैं तो बेहतर होगा अपनी पत्नी या फिर पति से बात करें। अगर आप सिर्फ हमसफर से बच्चों के खातिर जुड़े हुए हैं तो एक बार अपनी पर्सनल जिंदगी के बारे में पूरे परिवार के सामने बात करें।

ऐसा करने से एक तो आपकी छवि घर में उतनी खराब नहीं होगी जितना की झूठ बोलकर किसी तीसरे इंसान से रिश्ता चलाने में। इसलिए बेहतर होगा सहमति से अलग हो जाएं और खुशी-खुशी दोनों मिमकर मूव ऑन करें।

देश की सर्वौच्च अदालत ने इन्हीं कारणों को देखते हुए एकस्ट्रा मेरिटल अफेयर को कानूनी करार दिया है ताकि झूठ के सहारे चलने वाले रिश्तों को लेकर होने वाले क्राइम रूक सकें और जबरदस्ती किसी के साथ रहकर जिंदगी गुजारने से बेहतर आप सच बोलकर खुशी-खुशी अपनी-अपनी जिंदगी जिएं।

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क्योंकि ईश्वर ने सबको जीवन दिया है और सभी को अपनी खूशी और जिंदगी के फैसलों का पूरा अधिकार है।

इसलिए कानूनी पछ़ड़ों से निकलकर अपनी जिंदगी का फैसला सही चीजों को देखकर ही लें । इस तरह आप घरवाली और बाहरवाली दोनों को खुश रख पाएंगे।

 

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