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देश के 24 राज्यों में फैला धर्मांतरण का जाल, खाड़ी देशों से जुड़े तार

देश के 24 राज्यों में फैला धर्मांतरण का जाल, खाड़ी देशों से जुड़े तार

लखनऊ: यूपी एटीएस ने मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती हाज़ी जहांगीर आलम को धर्मांतरण मामले में गिरफ्तार किया है। उसके बाद से खुफिया एजेंसी आरोपियों की निशानदेही पर लगातार एक्शन ले रही है।

धर्मांतरण के मामले में अब तक छह लोगों की गिरफ्तारी की गई है। इनमें मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती हाज़ी जहांगीर आलम के अलावा मन्नू यादव उर्फ अब्दुल मन्नान, इरफान शेख, राहुल भोला, सलाउद्दीन हैं। आरोपितों का नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर और यूपी में ही नहीं बल्कि 24 राज्यों में फैला हुआ है।

धर्म बदलने के बाद गिरोह का बना सदस्य

गौरतलब है कि 21 जून को यूपी एटीएस ने दिल्ली के जामियानगर से मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती हाज़ी जहांगीर आलम को गिरफ्तार कर धर्मांतरण का पर्दाफाश किया था। आरोपितों ने लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर करीब 1000 से ज्यादा लोगों का धर्म परिवर्तन कराया है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार के मुताबिक, आरोपित आइएसआइ और खाड़ी देशों से फंडिंग कर रहे थे। आरोपितों की निशानदेही पर एटीएस ने 28 जून को हरियाणा के गुरुग्राम से मन्नू यादव उर्फ अब्दुल मन्नान, महाराष्ट्र के बीड़ से इरफान शेख और दिल्ली से राहुल भोला को धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार किया है।

सूत्रों की माने तो मन्नू यादव मूक-बधिर है। धर्म बदलने के बाद वह भी इस गैंग का सदस्य बन गया, जबकि 30 जून को एटीएस ने बड़ोदरा से सलाउद्दीन को गिरफ्तार किया है। असल में सलाउद्दीन मोहम्मद उमर गौतम को रकम भेजता था। फिलहाल, सलाउद्दीन को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जा रहा है, जहां जांच एजेंसी उससे भी पूछताछ करेगी।

24 राज्यों में फैला जाल

दरअसल, यूपी एटीएस की नजर यूपी, दिल्ली,  राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, असम, झारखंड और केरल समेत 24 राज्यों में धर्मांतरण कराने वाले 450 लोगों पर है। हफ्ते भर रिमांड पर लाए गए मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती हाज़ी जहांगीर आलम से जांच एजेंसी को 450 लोगों की लिस्ट मिली है। दिल्ली के बाटला हाउस को मोहम्मद उमर गौतम ने धर्मांतरण का हब बनाया।

अब एटीएस के अफसर इन लोगों को चिन्हित कर मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती हाज़ी जहांगीर आलम के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। इसके अलावा एटीएस ने 450 लोगों की सूची तैयार की है। यह लोग 24 राज्यों में अलग-अलग रहते हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए अन्य राज्यों और केंद्र की एजेंसियों से भी मदद ली जा रही है।

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