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गमों और दुखों को दूसरा नाम थीं मीना कुमारी, बर्थ डे स्पेशल..

meena kumari 2 गमों और दुखों को दूसरा नाम थीं मीना कुमारी, बर्थ डे स्पेशल..

मीना अपने समय की सबसे बेहतरी अभिनेत्रियों में से एक थीं। उन्होंने अपने समय में बहुत नाम कमाया था। उनका असली नाम ‘महजबी बानो’ था. कहा जाता है कि बचपन से युवावस्था तक संघर्ष की जिंदगी व्यतीत करने के कारण उन्हें ट्रेजेडी क्वीन की उपाधि दी गई थी। मीना की आखिरी फिल्म ‘पाकीजा’ थी और फिल्म की रिलीज़ के एक महीने बाद उनकी मौत हो गई।

Meena kumari गमों और दुखों को दूसरा नाम थीं मीना कुमारी, बर्थ डे स्पेशल..
मीना ने अपने करियर की शुरुआत एक बाल कलाकार के रूप में वर्ष 1939 में की थी। वह पहली बार विजय भतरु की ‘लेदरफेस’ फिल्म में दिखाई दी थीं. इसके बाद उसने बैजू बावरा में काम किया और प्रसिद्ध हो गईं।मीना कुमारी ने 7 साल की उम्र में फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था। फिल्ममेकर कमाल अमरोही उनकी एक्टिंग से इंप्रेस थे. वे उन्हें अपनी फिल्म में लेना चाहते थे। लेकिन जब मीना को उनके स्वभाव के बारे में पता चला, उन्होंने फिल्म में काम करने से मना कर दिया। मगर पिता के दबाव की वजह से मीना कुमारी को इस फिल्म में काम करना पड़ा।

एक हादसे के बाद मीना कुमारी करीब चार महीने तक अस्पताल में रही थीं और इस दौरान कमल अमरोही उनसे मिलने अस्पताल आया करते थे। दोनों की मुलाकात प्यार में बदल गई। 14 फरवरी 1952 को 18 साल की मीना कुमारी ने 34 साल के कमल अमरोही से गुपचुप तरीके से शादी कर ली, वो उम्र में उनसे 16 साल बड़े थे। कमल अमरोही ना केवल उनसे दोगुनी उम्र के थे बल्कि पहले से शादीशुदा और तीन बच्चों के पिता भी थे।

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बाद में दोनों अलग हो गए थे लेकिन जानकारी के मुताबिक कभी उनका तलाक नहीं हुआ था। जिसके बाद मीना कुमारी की जिंदगी में कई सारे गम आयो और वो इन्हें झेलते-झेलते 31 मार्च 1972 को दुनिया से अलविदा कह गईं।

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