वाराणसी में फर्जी आर्मी कैप्‍टन गिरफ्तार, सेना में भर्ती कराने के नाम पर करता था ठगी  

वाराणसी: जिले में यूपी एसटीएफ की वाराणसी इकाई ने मंगलवार को एक फर्जी आर्मी कैप्‍टन को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी सेना में भर्ती कराने के नाम पर युवाओं से ठगी का काम करता था।

यूपी पुलिस के विशेष कार्यबल के सूत्रों के मुताबिक, एसटीएफ ने खुद को सेना में कैप्टन बताकर लोगों को आर्मी में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले राजवीर सिंह रघुवंशी उर्फ आनंद कुमार को वाराणसी के कैंट इलाके में गिरफ्तार किया है।

आरोपी के पास से बरामद हुआ ये सामान

एसटीएफ की टीम को गिरफ्तार आरोपी आनंद कुमार के पास से एक आर्मी कैप्‍टन की वर्दी, एक आर्मी की वर्दी, आर्मी के तीन लोगो, तीन सेना भर्ती के फर्जी एडमिट कार्ड, दो मोबाइल, एक फर्जी डीएल, पांच हजार रुपए नगद, एक बाइक, एक आधार कार्ड, कैप्टन की वर्दी में खिंचवाई दो फोटो, फर्जी तरीके से डिप्टी एसपी के पद पर चयन की एक पेपर कटिंग और पांच मुहर बरामद की गई।

 

anand kumar वाराणसी में फर्जी आर्मी कैप्‍टन गिरफ्तार, सेना में भर्ती कराने के नाम पर करता था ठगी  

 

सेना सिपाही भर्ती में हुआ था विफल

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गिरफ्तार आनंद कुमार से पूछताछ एवं खुफिया जानकारी से पता चला है कि वह वकालत की पढ़ाई करता है। उसने वर्ष 2008 में आर्मी सिपाही की भर्ती के लिए कोशिश की थी, लेकिन सफल नहीं हुआ था। इसके बाद उसने बेरोजगार युवकों को आर्मी में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का प्‍लान बनाया।

ऐसे शुरू किया ठगी का काम

सूत्रों के मुताबिक, अभियुक्‍त ने अपनी योजना के अनुसार पहले आर्मी के कैप्टन की वर्दी बनवाई और अपने आस-पास के लोगों को विश्वास दिलाया कि वह सेना में कैप्टन है। इसके बाद उसने वाराणसी के भिटारी गांव के रहने वाले अमरनाथ यादव तथा कुछ अन्य अभ्यर्थियों को फौज में नौकरी दिलाने का झांसा दिया और कुल सात लोगों से करीब 14 लाख रुपए ऐंठ लिए। अभियुक्‍त ने दिव्‍या, सुधाकर वर्मा और रजनीश नाम के अभ्यर्थियों से भी आर्मी में भर्ती के नाम पर 10 लाख रुपए ठग लिए।

समाचार पत्र में छपवाई फर्जी खबर

इसी दौरान वर्ष 2020 में PCS-2017 का रिजल्‍ट सामने आया, जिसमें वाराणसी के ही रहने वाले किसी आनंद कुमार की 62वीं रैंक आई थी और उसे पुलिस उपाधीक्षक के पद पर नियुक्ति मिली थी। जब इस बात की जानकारी आनंद को हुई तो उसने अपने नाम का फायदा उठाया और समाचार पत्र के कार्यालय पहुंचकर अपनी फोटो व पता देकर खबर छपवाई कि उसकी पुलिस उपाधीक्षक के पद पर नियुक्ति हुई है।

आरोपी के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज  

समाचार पत्र में फर्जी खबर छपवाने के बाद आनंद सेना का कैप्टन और पुलिस उपाधीक्षक बनकर ठगी करने की कोशिश करने लगा। सूत्रों के अनुसार, आनंद ने अपनी शादी भी धोखे से ही की थी और इस मामले में उसकी पत्नी ने ही उसके खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। वहीं, मंगलवार यानी आज आरोपी आनंद कुमार ठगी की मंशा से ही कैंटोमेंट एरिया में कुछ लोगों से मिलने आया था, लेकिन यूपी एसटीएफ ने उसे धर दबोचा।

किसान आंदोलन, ब्रिटिश संसद में उठाया गया मुद्दा, ब्रिटिश मंत्री बोलें कि यह भारत का आंतरिक मामला

Previous article

जानिए रुद्राभिषेक और जलाभिषेक का अंतर, क्या है 108 दानों की माला का रहस्य

Next article

You may also like

Comments

Comments are closed.

More in featured