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किसान आंदोलन, ब्रिटिश संसद में उठाया गया मुद्दा, ब्रिटिश मंत्री बोलें कि यह भारत का आंतरिक मामला

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ब्रिटेन – भारत में नए कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन का मुद्दा ब्रिटिश संसद में भी उठाया गया। इस पर चर्चा करते हुए ब्रिटिश मंत्री ने साफ़ किया कि यह भारत का आंतरिक मामला है। हम इस आंदोलन पर फिलहाल नज़र बनाये हुए है।

लेबर पार्टी के सांसदों ने किया किसानों का समर्थन –
बताया जा रहा है संसद में किसान आंदोलन पर चर्चा एक ऑनलाइन पेटिशन के माध्यम से शुरू हुई जिस पर करीब 1 लाख 16 हजार लोगों ने हस्ताक्षर किए ताकि ब्रिटेन की संसद में भारतीय किसान आंदोलन पर चर्चा हो। कल इस विषय पर चर्चा हुई तो इसे भारत का आंतरिक मामला बताया गया। जबकि बता दे कि किसान आंदोलन को सबसे अधिक लेबर पार्टी का समर्थन मिला। लेबर पार्टी के 12 सांसदों जिसमें लेबर पार्टी के पूर्व नेता जेरेमी कोर्बीन भी शामिल है इन्होने भारत में चल रहे किसान आंदोलन का समर्थन किया।

किसान आंदोलन को लेकर क्या कहना है थेरेसा विलियर्स का –
बताया जा रहा है कि संसद में इस विषय पर चर्चा के दौरान कंजर्वेटिव पार्टी की थेरेसा विलियर्स ने भारत सरकार का समर्थन करते हुए कहा कि कृषि भारत का अपना आंतरिक मामला है इसके ऊपर ब्रिटिश संसद में चर्चा नहीं की सकती। इस चर्चा पर जवाब देने के लिए प्रतिनियुक्त किए गए मंत्री निगेल एडम्स ने कहा कि ‘कृषि सुधार भारत का अपना घरेलू मामला है। हम इस मुद्दे पर भारतीय समकक्षों से लगातार संपर्क में हैं और अविश्वसनीय रूप से काफी बारीकी तौर पर इस मुद्दे पर नजर रखे हुए हैं। मंत्री निगेल एडम्स ने आगे कहा कि हम भारत के साथ यूएन सिक्योरिटी काउंसिल और जी-7 समिट में भी अच्छे परिणामों के लिए काम रहे रहे हैं। दोनों देशो के बीच सम्बन्ध वैश्विक समस्याओं का निवारण करने में काम आएंगे। साथ ही उन्होंने यह सम्भावना व्यक्त की हैं कि जल्द ही भारत सरकार और किसान यूनियनों के बीच बातचीत से कोई सकारात्मक परिणाम निकल जाएगा।

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