January 24, 2022 2:45 am
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आज है सावन का दूसरा सोमवार, जाने इस दिन का खास महत्व किससे जुड़ा है, किस की होती है पूजा

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13 जुलाई 2020 को सावन का दूसरा सोमवार है। सावन के महीने में सोमवार का दिन विशेष माना जाता है।

नई दिल्ली। 13 जुलाई 2020 को सावन का दूसरा सोमवार है। सावन के महीने में सोमवार का दिन विशेष माना जाता है। सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है इसलिए सावन के महीने में सोमवार का महत्व काफी बढ़ जाता है। सावन सोमवार के दिन शिव भक्त भगवान शिव के मंदिर जाकर शिवलिंग पर जलाभिषेक और पूजा अर्चना करते हैं।  मान्यता है सावन के महीने में शिव आराधना करने से सभी तरह की मनोकामनाएं जरूर पूरी होती हैं।

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दूसरा सावन सोमवार पूजा विधि

भगवान भोलेनाथ जल्द प्रसन्न होने वाले देवता हैं। इनकी पूजा बहुत ही आसान होती है। भोलेनाथ एक लोटा जल और एक पत्ती को अर्पित करने मात्र से ही प्रसन्न हो जाते हैं। सावन सोमवार के दिन व्रती सुबह जल्दी उठें। इसके बाद शिव पूजन में प्रयोग की जानी वाली सामग्री को एकत्रकर घर के पास के शिव मंदिर में जाकर पूजा करें। सभी पूजन सामग्री को भगवान शिव और माता पार्वती को अर्पित करने के बाद शिवजी को प्रणाम करें। ध्यान रहे इस दौरान शिवलिंग पर जलाभिषेक करते समय शिव के मंत्रों का लगातार जाप करते रहें।

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रुद्राभिषेक

रूद्र का अभिषेक करने से सभी देवों का भी अभिषेक करने का फल उसी क्षण मिल जाता है। रुद्राभिषेक में सृष्टि की समस्त मनोकामनायें पूर्ण करने की शक्ति है अतः अपनी आवश्यकता अनुसार अलग-अलग पदार्थों से अभिषेक करके प्राणी इच्छित फल प्राप्त कर सकता है। इनमें दूध से पुत्र प्राप्ति, गन्ने के रस से यश उत्तम पति/पत्नी की प्राप्ति, शहद से कर्ज मुक्ति, कुश एवं जल से रोग मुक्ति, पंचामृत से अष्टलक्ष्मी तथा तीर्थों के जल से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

शिवजी का प्रिय फूल

भगवान शिव को धतूरे के फूल बहुत प्रिय होते हैं। इसके अलावा हरसिंगार, नागकेसर के सफेद पुष्प, कनेर, आक, कुश आदि के फूल भी भगवान शिव को चढ़ाने का विधान है।

शिव मंत्र

ॐ नमः शिवाय॥

नम: शिवाय॥

ॐ ह्रीं ह्रौं नम: शिवाय॥

ॐ पार्वतीपतये नम:॥

ॐ पशुपतये नम:॥

ॐ नम: शिवाय शुभं शुभं कुरू कुरू शिवाय नम: ॐ ॥

महामृत्युंजय मंत्र

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनानत् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।

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