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ऑक्सीजन की मारामारी के बीच ये वैज्ञानिक तरीका सबसे कारगर

ऑक्सीजन की मारामारी के बीच ये वैज्ञानिक तरीका सबसे कारगर

लखनऊ: कोरोना महामारी के बीच आम लोगों के लिए घर पर रहना और खुद को सुरक्षित रखना बड़ी जिम्मेदारी है। एक तरफ जहां अस्पतालों में स्थिति सामान्य नहीं है। ऐसे में कुछ वैज्ञानिक तरीका और उपायों से सेहत को बेहतर रखा जा सकता है।

इन आसान तरीकों से रखें खुद का ख्याल

देशभर में इन दिनों अस्पताल में बेड, ऑक्सीजन जैसी चीजों की बड़ी समस्या है। इसी के चलते ज्यादातर पॉजिटिव मरीजों को घर पर ही आइसोलेट किया जा रहा है। कुछ आसान तरीके ऐसे हैं, जिनसे घर पर ही बेहतर परिणाम मिल सकता है। इसी सिलसिले में डॉक्टर प्रकाश खेतान ने अधिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लोग कोरोना से बिल्कुल ना घबराए, इससे बचने के लिए सिर्फ सावधानी और नियमों का पालन करने की जरूरत है।

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डॉ प्रकाश खेतान
वायरल इंफेक्शन है कोरोना

डॉक्टर प्रकाश खेतान के अनुसार यह एक प्रकार का सामान्य वायरल इंफेक्शन है। जो मौसम बदलने के साथ हमेशा होता रहता है। उन्होंने कहा कि अगर सही तरीके से सावधानी बरती जाए और कुछ वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल किया जाए तो 3 से 5 दिनों के अंदर ठीक हो जा सकता है। इसके साथ ही शरीर की प्राकृतिक इम्यूनिटी भी बेहतर हो सकती है।

ऑक्सीजन से जुड़ी जानकारी

ऑक्सीजन को लेकर एक अहम जानकारी 1970 के दौर की है। जब priestley ने ऑक्सीजन की खोज की थी। उन्होंने एक चूहे को जार के अंदर बंद कर दिया। कुछ समय के बाद वह चूहा मर गया क्योंकि जार के अंदर पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं था।

फिर उन्होंने उस जार के अंदर एक हरा पौधा डाल दिया और मोमबत्ती जला दी। इसके बाद चूहा डालने पर वह जिंदा रहा क्योंकि प्लांट द्वारा कार्बन डाइऑक्साइड लेकर ऑक्सीजन बराबर बाहर निकल रहा था। इससे यह पता चलता है कि हमारे पास पर्याप्त ऑक्सीजन है, लेकिन उसका सही तरीके से इस्तेमाल करने की आवश्यकता है।

ऑक्सीजन की मारामारी के बीच ये वैज्ञानिक तरीका सबसे कारगर

पैनिक होने की जरूरत नहीं

डॉ प्रकाश खेतान ने कहा कि पल्स ऑक्सीमीटर का भी कई बार नकारात्मक असर होता है। इस पर दिखने वाला नंबर हालत को और बेकाबू कर देता है। नकारात्मक सोच मनुष्य के अंदर आ जाती है और मरीज की स्थिति बिगड़ने लगती है। ऐसे समय में हमें पूरी तरह से धैर्य बनाकर रखने की जरूरत है। पॉजिटिव सोच रखने से स्थिति और बेहतर ही होती है।

आसान उपाय बेहतर परिणाम

डॉ प्रकाश खेतान कहते हैं कि सुबह के समय पेड़ पौधों से अच्छी मात्रा में ऑक्सीजन निकलता है। सुबह जो लोग टहलते हैं और लंबी लंबी सांस लेते हैं, उनका ऑक्सीजन स्तर अच्छा रहता है। इसके साथ ही इस महामारी के दौर में सिगरेट पीना सेहत के लिए बिल्कुल भी फायदेमंद नहीं है। ज्यादा से ज्यादा भाप लेना चाहिए और सांस रोककर ध्यान करना भी लाभकारी हो सकता है।

पहाड़ पर जाने वालों का उदाहरण देते हुए डॉक्टर ने एक अच्छी बात बताई। उन्होंने कहा कि जो ऊंचाइयों पर जाते हैं, उन्हें ऑक्सीजन की कमी कई बार महसूस होती है। ऐसे में उन्हें कपूर की पोटली साथ में दी जाती है। ठीक इसी तरीके से ऑक्सीजन की कमी महसूस होने पर कपूर का उपयोग समय-समय पर सूघने में करें, जिससे ऑक्सीजन का लेबल शरीर में बना रहता है।

डॉक्टर प्रकाश खेतान कहते हैं कि इस दौर में घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। हम जितना प्रकृति से खुद को जोड़ कर रखेंगे, उतना ही हमारा फायदा होगा। लगातार भाप लेते रहें, नाक में गाय का एक बूंद घी डालने से भी बेहतर परिणाम मिलता है।

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