Vegetable price increase
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ईंधन के बढ़ते दामों ने जहां महंगाई को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया। वहीं किचन का पूरा बजट भी बिगड़ गया है। लोगों को महंगाई के मोर्चे पर डबल झटका लगा है। थोक महंगाई के बाद अब खुदरा महंगाई ने भी पैर फैला लिए हैं।

महंगाई की दर 12.94 फीसदी पहुंची

बता दें मई में थोक महंगाई का दर अप्रैल के 10.49 फीसदी से बढ़कर 12.94 फीसदी के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। वहीं मई में खुदरा महंगाई दर अप्रैल के 4.23 फीसदी से बढ़कर 6.30 फीसदी हो गई है।

महंगाई में कमी आने की संभावना नहीं

रिपोर्ट के मुताबिक महंगाई दर में बढ़ोतरी अनुमान से ज्यादा हो रही है। इससे देश की वित्तीय स्थिति पर असर होगा। खास बात ये है कि जो मौजूदा हालात है उसमें महंगाई में कमी आने की संभावना नजर नहीं आ रही है।

बढ़ती महंगाई इकॉनमी को कर रही प्रभावित

महंगाई दर का 6 फीसदी से ऊपर जाना चिंता का विषय बना हुआ है। इससे सीधे तौर पर डिमांड पर असर होगा। इस वक्त डिमांड में तेजी लाना जरूरी है। लेकिन बढ़ती महंगाई इसमें बाधाएं उत्पन्न करेगी, जो सीधे तौर पर इकॉनमी को प्रभावित करेगी।

रिटेल महंगाई 5.01% पर पहुंची

सरकार द्वारा जारी रिटेल महंगाई दर के आंकड़ों के अनुसार मई में खाने-पीने की चीजों की रिटेल महंगाई अप्रैल के 1.96 फ़ीसदी से बढ़कर 5.01 पर पहुंच गई। मई महीने में फ्यूल और बिजली के महंगाई अप्रैल के 7.91 फीसदी से बढ़कर 11.58 फ़ीसदी दर्ज की गई।

कोर महंगाई दर 6.6 फ़ीसदी पर आई

वहीं मई में कपड़े, जूते-चप्पल की महंगाई बढ़कर 5.32 फ़ीसदी हो गई। मासिक आधार पर मई में दालों की महंगाई 7.51 फीसदी से बढ़कर 9.39 फ़ीसदी पर आ गई। मई में कोर महंगाई दर अप्रैल के 5.40% बढ़कर 6.6 फ़ीसदी पर आई,जबकि इसके 5.6% रहने का अनुमान था।

खाद्य थोक महंगाई 8.1 फीसदी पर पहुंची

इसी तरह मई में खाद्य थोक महंगाई अप्रैल के 8.1 फीसदी पर जा पहुंची। वहीं फ्यूल और पावर महंगाई 37.61 फीसदी के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई है।

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