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लोको पायलट और गार्ड को टेबलेट और ट्रॉली बैग देगा पूर्वोत्तर रेलवे, जानिए क्या होगा फायदा

लोकोपायलट और गार्ड के लिए पूर्वोत्तर रेलवे लाया New Scheme, आप भी जान लीजिए

गोरखपुर: रेलवे जहां अपने यात्रियों का ख्याल रखता है, वहीं अपने कर्मचारियों की सुविधा पर भी उसकी नजर रहती है। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने इस दिशा में आगे बढ़ते हुए अब ट्रेन के लोको पायलट और गार्ड के लिए नई योजना तैयार की है।

ट्रेन के लोको पायलट और गार्ड को अब यात्रा के दौरान ट्रॉली बैग और टेबलेट उपलब्ध कराया जाएगा। इससे लोको पायलट और गार्ड का काम काफी आसान हो जाएगा और उन्हें मैन्युअली रजिस्टर लेकर नहीं चलना पड़ेगा। इससे अब रजिस्टर के कटने और फटने का भी डर नहीं रहेगा, और भारी भरकम बॉक्स लेकर चलने से भी मुक्ति मिल जाएगी।

डिजिटल प्लेटफार्म पर आ जाएंगे लोको पायलट और गार्ड

रेलवे के लोको पायलट और गार्ड अब पूरी तरीके से डिजिटल प्लेटफार्म में प्रवेश कर जाएंगे। पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल से इसकी शुरुआत भी कर दी गई है। इसके साथ ही दूसरे जिलों में भी इस योजना को मूर्तरूप पहनाया जाएगा। राजधानी लखनऊ और वाराणसी में भी इस सिस्टम को लागू करने के बारे में सोचा जा रहा है।

टेबलेट और ट्रॉली बैग देने से होगी सहूलियत

बता दें कि रेलवे के लोको पायलटों और गार्डों को ट्राली बैग के साथ टेबलेट देने से उन्हें काम करने में बहुत सहूलियत हो जाएगी। इससे उन्हें ट्रेनों के संचालन के लिए रजिस्टर पर लिखे मैन्युअली नियमों को जानने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।

रेलवे की तरफ से दिये गए टैबलेट में ही लोको पायलट और गार्ड के सारे काम लोड रहेंगे। रेलवे से संबंधित सारे काम को वो अब टेबलेट में ही देख सकेंगे। इस योजना से पारदर्शिता आएगी और रिकॉर्ड रखने में भी समानता आएगी।

40 किलो के लाइन बॉक्स से होती थी असुविधा

गौरतलब है कि पूर्वोत्तर रेलवे सिस्टम में लगातार बदलाव कर रहा है। रेलवे प्रशासन ने अभी कुछ दिनों पहले अंग्रेजों के शासनकाल के दौरान बनाए गए लाइन बॉक्स के नियम को बदल दिया था।

इस व्यवस्था के तहत रेलवे के लोको पायलट और गार्ड को करीब 40 किलो के लोहे के बाक्स को अपने साथ लेकर चलना पड़ता था। ये काफी भारी होता था और असुविधा भी होती थी।

इस बाक्स में ट्रेन को चलाने वाली किताब, लाल और हरी झंडी, इमरजेंसी लाइट के अलावा रेलवे से जुड़े कुछ जरूरी दस्तावेज होते थे।

इसके अलावा भारी-भरकम रजिस्टर भी होता था। रेलवे ने पायलटों और गार्डों को सुविधा देते हुए उन्हें अब टेबलेट के साथ हल्के ट्राली बैग दे दिए हैं। इससे लोको पायलट और गार्ड को पुराने सिस्टम से मुक्ति मिल गई है।

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