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हैप्पी बर्थडे पंकज कपूर, इतने रिजेक्शंस के बाद मिली थी बॉलीवुड में एंट्री! जानिए अब तक का फिल्मी सफर

06 41 हैप्पी बर्थडे पंकज कपूर, इतने रिजेक्शंस के बाद मिली थी बॉलीवुड में एंट्री! जानिए अब तक का फिल्मी सफर

1989 में आई फिल्म “राख” और 1990 में आई फिल्म “एक डॉक्टर की मौत” के लिए नेशनल अवार्ड जीतकर हिन्दी सिनेमा में अपनी सिक्का जमाने वाले पंकज कपूर का आज जन्मदिन है। पंकज कपूर का जन्म 29 मई, 1954 को पंजाब के लुधियाना में लुधियाना में हुआ था। बचपन से ही पढ़ने में होनहार पंकज कपूर ने इंजीनियंरिंग करने के बावजूद हमेशा एक्टिंग में ही अपना करियर बनाने को ज्यादा अमियत दी। आइए जानते हैं उनके फिल्मी करियर से जुड़ी खुछ खास बातें-

 

06 41 हैप्पी बर्थडे पंकज कपूर, इतने रिजेक्शंस के बाद मिली थी बॉलीवुड में एंट्री! जानिए अब तक का फिल्मी सफर

 

पंकज कपूर ने एक्टिंग की तरफ बढ़ता रुझान देखते हुए उन्होंने अपनी इंजीनियरिंग में टॉप करने के बाद पंकज ने एक्टिंग की तरफ रुख किया। क्योंकि उनके घर में सभी पढ़ाई को तवज्जो देते थे, तो सबको यही लगता था कि वह कुछ ऐसा ही करेंगे। यहां तक कि उनके पिता खुद डबल एम.ए किए हुए थे। लेकिन उन्होंने पढ़ाई के लिए दबाव बनाने के बजाए, बेचे को वही करने की सलाह दी जो वह सच में करना चाहता है। तो बस उनकी इस सलाह ने हिंदी सिनेमा को इतना बेहतरीन निर्देशक और एक्टर दिया।

 

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इसके बाद पंकज कपूर ने फिल्म एंड ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में अप्लाई किया। एफटीआईआई में उनका इंटरव्यू तो क्लियर हो गया था, लेकिन सायद मामूली शक्ल की वजह से उन्हें यहां एडमीशन नहीं मिला। वहीं 1973 में उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा में एडमिशन लिया।

 

यहां एडमिशन लेने के बाद उन्होंने एक्टिंग से जुड़ी कई साड़ी बारीकियों को सीखी। यही रहते हुए उन्होंने एक्टिंग में कई बार बेस्ट एक्टर अवार्ड भी जीते। पंकज कपूर ने 80 से दशक से अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने यह शुरुआत दूरदर्शन पर प्रस्तुत होने वाले एक जासूसी धारावाहिक ‘करमचंद’ से की थी।

 

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बात करें पंकज के फ़िल्मी सफर की तो उन्होंने शयन बेनेगल की फिल्म ‘आरोहण’ से अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत की थी। पंकज के समय में आर्ट फिल्में नहीं बनती थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने उस दौर में वह फिल्में की और सबकी आंखों के तारे बन गए। पंकज की पहली नेशनल अवार्ड विनिंग फिल्म ‘राख’ थी, जिसमें आमिर खान ने लीड किरदार की भूमिका निभाई थी।

 

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फिल्म ‘मौसम’ से पंकज ने हिंदी सिनेमा में बतौर निर्देशन अपना डेब्यू किया। इस फिल्म में उन्होंने अपने बेटे शाहिद कपूर को ही कास्ट किया था, जिसके ऑपोसिट उन्होंने सोनम कपूर को साइन किया था। लेकिन उनकी यह फिल्म बॉक्स-ऑफिस पर ज्यादा कमाल नहीं दिखा सकी। उन्होंने कई टीवी शोज़ में काम किए, लेकिन उन्हें अपनी असली पहचान सब टीवी के धारावाहिक ‘ऑफिस-ऑफिस’ से मिली। पंकज कपूर की प्रसिद्द टीवी धारावाहिक ‘करमचंद’, ‘नीम का पेड़’, ‘आफिस-आफिस’।

 

 

फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार:

2005 – फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार – आलोचक – मकबूल

राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार

2004 – राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार – सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार – मकबूल
1989 – राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार – सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार – राख

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