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करनाल में किसान महापंचायत: प्रशासन के साथ किसानों की वार्ता विफल, राकेश टिकैत की अगुवाई में लघुसचिवालय की ओर कूच

haryana 1630929003 करनाल में किसान महापंचायत: प्रशासन के साथ किसानों की वार्ता विफल, राकेश टिकैत की अगुवाई में लघुसचिवालय की ओर कूच

हरियाणा के करनाल में किसानों की ओर से महापंचायत हुई। इस दौरान किसानों की 11 सदस्यीय कमेटी और प्रशासन से बाचतीच की। लेकिन इस बातचीत में भी कोई हल नहीं निकला। जिसके बाद किसान महापंचायत में वापस लौटकर आगे की रणनीति बनाने में जुट गए हैं।

प्रशासन के साथ किसानों की वार्ता विफल

हरियाणा के करनाल में किसानों की ओर से महापंचायत के दौरान किसानों की 11 सदस्यीय कमेटी और प्रशासन से बाचतीच की। लेकिन इस बातचीत में भी कोई हल नहीं निकला। जिसके बाद किसान महापंचायत में वापस लौटकर आगे की रणनीति बनाने में जुट गए हैं। अब बैठक कर किसान नेता अगली रणनीति का एलान करेंगे। बड़ी संख्या में किसानों ने राकेश टिकैत के नेतृत्व में लघु सचिवालय का घेराव करने पहुंचे। किसानों के मार्च के दौरान भारी पुलिसबल तैनात रहा। बढ़ती भीड़ देख प्रशासन ने राकेश टिकैत को बस में बैठाया लेकिन बाद में वो फिर किसानों के बीच पहुंच गए।

28 अगस्त को किसानों पर लाठीचार्ज से नाराज

किसान 28 अगस्त को करनाल में हुए लाठीचार्ज से नाराज हैं। उन्होंने लाठीचार्ज के दोषियों पर कार्रवाई और पीड़तों किसानों को मुआवजा देने की मांग उठाई। किसान महापंचयत के चलते करनाल में धारा 144 लगाई गई है। वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बातचीत में हल निकलने की आशंका जताई थी लेकिन कुछ हल नहीं निकला।

वहीं हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी पर निशना साधा। उन्होंने कहा कि चढूनी ने हरियाणा में लगातार अराजकता पैदा करने के लिए कांग्रेस से पैसा लिया हैं। वे इसे तब तक जारी रखेंगे जब तक कि कुछ निर्दोष किसानों की जान नहीं चली जाती। हरियाणा के कुछ किसान समझ गए हैं कि यह सब राजनीति है।

‘शरारती तत्व लाठी, जेली, लोहे की रॉड लेकर पहुंचे’

करनाल जिला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि इंटेलीजेंस रिपोर्ट पुलिस के अनुसार लाठी, जेली, लोहे की रॉड से लैस होकर अनाज मंडी पहुंचे हैं। पुलिस और प्रशासन ने किसान नेताओं से बात की है जिन्होंने ऐसे तत्वों को कार्यक्रम स्थल छोड़ने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन वे अपने नेताओं की भी नहीं सुन रहे हैं। करनाल जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा ऐसे शरारती तत्वों को कानून हाथ में न लेने और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की चेतावनी दी जा रही है। ऐसे सभी तत्वों से कानून के अनुसार सख्ती से निपटा जाएगा।

पुलिस ने किए थे किसानों को रोकने के लिए कड़े इंतजाम

किसानों की महापंचायत को देखते हुए प्रशासन ने आधी रात को नई अनाज मंडी से सटे सेक्टर-3 स्थित औद्योगिक क्षेत्र को कंटीले तार और बांसों से सील कर दिया था। वहीं हरियाणा के कई जिलों में इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई थी। लेकिन उसके बाद भी किसानों की महापंचयत में हजारों की तादाद में किसान शामिल हैं।

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