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भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा को निकालने के लिए मुस्लिम युवा पहुंचा सुप्रीम कोर्ट..

jaganath yatra 1 भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा को निकालने के लिए मुस्लिम युवा पहुंचा सुप्रीम कोर्ट..

कोरोना के चलते दुनिया ही नहीं देश के बड़े-बड़े सार्वजनिक काम रूके हुए हैं। जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी ही समस्या भगवान जगन्नाथ के भक्तों से सामने भी आकर खड़ी हो गई है। क्योंकि कोरोना महामारी के चलते इस बार भगवान जगन्नाथ की विशाल रथ यात्रा नहीं निकल पाएगी। जिसको लेकर एक मुस्लिम समाजसेवी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

jagnath yatra 2 भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा को निकालने के लिए मुस्लिम युवा पहुंचा सुप्रीम कोर्ट..
आपको बता दें, एक मुस्लिम समाजसेवी ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है। इसमें कहा गया है कि रथयात्रा निकालने पर न्यायालय को फिर से सोचना चाहिए। पुरी शहर को टोटल शटडाउन करके मंदिर के पुजारी और सेवकों द्वारा ही रथयात्रा निकाली जा सकती है। श्रीजगन्नाथ रथयात्रा की परंपरा टूटने से बचाई जा सकती है। याचिका पर रविवार या सोमवार को सुनवाई हो सकती है।

आपको बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए कोरोना वायरस के कारण 23 जून को निकलने वाली जगन्नाथ रथयात्रा पर रोक लगा दी थी। इसी फैसले पर पुनर्विचार के लिए उड़ीसा के मायागढ़ जिले के आफताब हुसैन ने शुक्रवार को याचिका दायर की है। श्री हुसैन के वकील प्रणयकुमार मोहपात्रा ने बताया कि याचिका श्री जगन्नाथ मंदिर की परंपरा और पूरे उड़ीसा के लोगों की आस्था को देखते हुए लगाई गई है।

तो वहीं, पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने भी कहा है कि न्यायालय को अपने फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए। लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए रथयात्रा पर रोक लगाना स्वागत योग्य है लेकिन कोई मध्य मार्ग निकालना चाहिए, जिससे श्री मंदिर की परंपरा भी ना टूटे। याचिका में कोर्ट से आग्रह किया गया कि यह यात्रा निकालने और पूजा के लिए लाखों लोगों को नहीं केवल 500-600 लोगों को इजाजत मिले, जो कोरोना संकट के मद्देनजर जारी बचाव और एहतियात संबंधी गाइडलाइन और आपसी दूरी का पूरा ख्याल रखेंगे।

इस साल यह रथयात्रा 23 जून को होनी थी। सामान्य तौर पर रथयात्रा में 10 से 12 लाख लोग जमा होते हैं। यह समारोह करीब 10 दिन चलता है.।सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि लोगों के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए रथयात्रा रोकने का आदेश जरूरी है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसे संकट के समय रोक नहीं लगाई गई तो भगवान जगन्नाथ हमें कभी माफ नहीं करेंगे।

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जिसके बाद उम्मीद की जा रही है कि, इस महत्वूर्ण मुद्द पर रविवार या फिर सोमवार को फैसला आ सकता है। क्यों 23 तारीख से जगन्नाथ भगवान की रथ यात्रा निकाली जानी है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का फैसला तय भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा निकलेगी ये नहीं। हालाकि भक्तों को पूरी उम्मीद है कि, इस बार छोटी ही सही लेकिन भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा जरूर निकलनी चाहिए।

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