डॉक्टरो को कोरोना से बचाने के लिए KGMU का बड़ा फैसला, सभी डॉक्टरों की होगी स्क्रीनिंग

लखनऊ: लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के कोरोना संक्रमित होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि अब से केजीएमयू के सभी विभागों की कोरोना स्क्रीनिंग होगी।

डॉक्टरो को कोरोना से बचाने के लिए KGMU का बड़ा फैसला, सभी डॉक्टरों की होगी स्क्रीनिंग

यहां के सभी डॉक्टरों की कोरोना स्क्रीनिंग की जाएगी। इससे बाकी बचे डॉक्टरों को कोरोना के कहर से बचाया जा सकेगा। इस समय केजीएमयू में करीब 40 डॉक्टर कोरोना संक्रमित हैं।

कहर बनकर टूटा कोरोना!

बता दें कि राजधानी लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में कोरोना कहर बनकर टूटा है। केजीएमयू में इस समय 40 डॉक्टर कोरोना संक्रमित हैं। वहीं मेडिकल स्टाफ में भी कोरोना के लक्षण मिले हैं।

कुलपति को हुआ था कोरोना 

गौरतलब है कि अभी हाल ही में केजीएमयू के कुलपति डॉक्टर बिपिन पुरी और चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर हिमांशु भी कोरोना संक्रमित मिले थे।

इससे पहले कुलपति पहले भी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। वो पिछली बार ठीक हो गए ते। गनीमत ये हैं कि इनमें से अधिकतर डॉक्टरों कोरोना की वैक्सीन ले चुके हैं।

वहीं कोरोना के विस्फोट को देखते हुए केजीएमयू के हल्थ वर्करों का भी सैंपल लिया गया है। इनकी रिपोर्ट एक दो दिन में आने की उम्मीद है।

टीका लगने के बाद हो रहा संक्रमण

बता दें कि यूपी में कोरोना ने कोरोना ने लोगों की कमर तोड़ दी है। क्या आम क्या खास सभी लोग कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं। कोरोना के कारण लोगों की जान पर बन आई है। यहां सबसे बड़ी बात ये हैं कि जिनको कोरोना का टीका लग चुका है उनको भी कोरोना का संक्रमण हो जा रहा है।

हालांकि वैज्ञानिकों और चिकित्सकों ने साफ कर दिया है कि जिनको वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है, उनको घबराने की जरूरत नहीं है। उनके लिए अब कोरोना जानलेवा नहीं रहेगा। वहीं जिनको वैक्सीन नहीं लगी है उनके लिए कोरोना का खतरा अधिक है।

कोरोना को लेकर सरकार गंभीर

गौरतलब है कि यूपी में पिछले 24 घंटे में ही कोरोना के 5,920 नए मरीज मिले हैं। इन मरीजों में कोरोना की पुष्टी हुई है।

अपर मुख्य सचिव ने अभी हाल ही में कोरोना की भयावहता को देखते हुए सभी राज्यों को पत्र लिखा था और कोरोना से सचेत रहने और जरूरी कदम उठाने को कहा था।

वहीं योगी सरकार भी अपनी तरफ से इस दिशा में तेज गति से कार्य कर रही है। सरकार ने एक अप्रैल से 45 साल से ऊपर के लोगों को कोरोना का टीका लगवाना प्रारंभ कर दिया है। इसके साथ ही सभी के लिए कोरोना के टीके पर भी विचार किया जा रहा है।

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