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अफ़ग़ानिस्तान को कब्जे में लेने के बाद तालिबान ने किए ये बदलाव

अफ़ग़ानिस्तान को कब्जे में लेने के बाद तालिबान ने किए ये बदलाव

बीते 20 वर्षों के अफ़ग़ानिस्तान को तालिबान ने अपने एक महीने के शासन में ही काफ़ी बदल दिया है। पर क्या तालिबान बदला है। तालिबान ने आश्वासन दिया था कि महिलाओं पर ज्यादती नहीं होगी। लेकिन अब कई पाबंदियां लगा दी गई हैं. रोज़ाना नए नियम जारी किए जा रहे हैं।

महिलाओं से जुड़े मंत्रालय का बदला नाम

उन्होंने महिलाओं से जुड़े मंत्रालय का नाम बदल दिया है। आरोप है कि उन्होंने देश की कला और संस्कृति को लगभग ख़त्म कर दिया है। तमाम कलाकार डरे हुए हैं।

आए ये बदलाव

तालिबान सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को सभी पुरुष शिक्षकों को काम पर लौटने का आदेश दिया था।

मंत्रालय ने कहा कि सातवीं से लेकर बारहवीं कक्षा तक की पढ़ाई के लिए छात्रों के लिए शुक्रवार से स्कूल खोले जाएंगे। हालांकि लड़कियों के लिए स्कूल खोने जाने के बारे में अब तक तालिबान ने कुछ भी नहीं कहा है।

दो दशक पहले जब अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की सरकार थी। उस समय लड़कियों की पढ़ाई और महिलाओं को बग़ैर किसी पुरुष के घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगाई गई थी।

युनिसेफ़ ने लड़कों के लिए स्कूलों के खुलने के तालिबान के फ़ैसले का स्वागत किया है । लेकिन कहा है लड़कियों को शिक्षा से दूर नहीं किया जाना चाहिए।

युनिसेफ़ ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में महिलाओं और बच्चियों का भविष्य ‘गंभीर चिंता’ का विषय है।

संगठन ने कहा, “ये ज़रूरी है कि सभी लड़कियां बिनी किसी देरी के अपनी शिक्षा जारी रख सकें। इसके लिए ज़रूरी है कि महिला शिक्षिकाएं भी काम पर लौटें।”

अफ़ग़ानिस्तान में प्राइमरी स्कूल पहले ही खोले जा चुके हैं और यहां लड़कों और लड़कियों को अलग-अलग कक्षाओं में बैठाया जा रहा है। कई महिला टीचर भी काम पर लौट आई हैं।

तालिबान की नई सत्ता ने प्राइवेट युनिवर्सिटी में छात्राओं को जाने की भी इजाज़त दी है, हालांकि छात्राओं के कपड़ों और परिसर में आने-जाने की जगह को लेकर कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं।

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अफ़ग़ानिस्तान पर कब्ज़ा करने के बाद तालिबान ने कहा था कि उनकी इस बार की सरकार बीती सरकार से अलग होगी और वो महिलाओं के काम करने को लेकर पाबंदी नहीं लगाएंगे।

लेकिन इसी हफ़्ते तालिबान ने महिला मामलों के मंत्रालय को ख़त्म कर दिया। इसकी जगह पर शालीनता बढ़ाने, बुराई कम करने के मंत्रालय आ गए है जो तालिबान के पुराने शासन के दौरान सख्त इस्लामिक क़ानून लागू करने के लिए जाना जाता था।

 

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