दक्षिण अफ्रीका में 25 साल के सूखे को खत्म करना चाहेगी भारतीय टीम

दक्षिण अफ्रीका में 25 साल के सूखे को खत्म करना चाहेगी भारतीय टीम

नई दिल्ली। भारतीय टीम का दक्षिण अफ्रीका दौरा शुरू हो चुका है। जहां तक भारतीय टीम के प्रदर्शन की बात है तो भारत ने साल 1992 से दौरा शुरू करने के बाद से अब तक दक्षिण अफ्रीका में कोई भी टेस्ट श्रृंखला नहीं जीती है। भारत का वर्ष 2017 काफी शानदार रहा है और भारतीय टीम बीते साल में अजेय रही है। वर्ष 2015 से लेकर अब तक भारत ने लगातार 9 टेस्ट श्रृंखलाएं जीती हैं और अब उसके पास दक्षिण अफ्रीका को हराकर विश्व रिकार्ड 10 टेस्ट श्रृंखला लगातार जीतने का मौका है। ऐसे में कप्तान कोहली के नेतृत्व में टीम इस वर्ष यह प्रदर्शन दोहराना चाहेगी और दक्षिण अफ्रीका को मात देकर साल की शुरूआत में 25 साल के सूखे को खत्म करना चाहेगी।

indian team
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वर्ष 1992 में दक्षिण अफ्रीका का दौरा करने वाली भारत पहली टीम थी, क्योंकि रंगभेद युग की समाप्ति के बाद दक्षिण अफ्रीका को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शामिल किया गया था। उस श्रृंखला को मैत्री श्रृंखला कहा जाता था। मोहम्मद अजहरुद्दीन भारत के कप्तान थे जबकि दक्षिण अफ्रीका का नेतृत्व क्लाइव राइस ने किया था। दक्षिण अफ्रीका में भारतीय टीम के प्रदर्शन की बात करें तो अब तक टीम का प्रदर्शन अफ्रीकी जमीन पर बेहद ही खराब रहा है। 1991 से लेकर अब तक भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कुल 17 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें से मात्र दो में भारतीय टीम को जीत हासिल हुई है।

भारतीय टीम ने राहुल द्रविड़ और महेन्द्र सिंह धोनी के नेतृत्व में दक्षिण अफ्रीका में मात्र दो टेस्ट मैचों में जीत दर्ज की है। वर्ष 2006 में द्रविड़ के नेतृत्व में जोहानसबर्ग में खेले गए टेस्ट मैच में भारतीय टीम ने एस श्रीसंथ की घातक गेंदबाजी की बदौलत दक्षिण अफ्रीका को 123 रनों से मात दी थी। इसके बाद वर्ष 2010 में भारतीय टीम ने महेन्द्र सिंह धोनी के नेतृत्व में डरबन टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका को 87 रनों से मात दी थी। इस मैच में भारतीय टीम की जीत के हीरो वीवीएस लक्ष्मण थे। लक्ष्मण ने उस मैच में कुल 134 रन बनाए थे। लक्ष्मण के अलावा हरभजन सिंह और जहीर खान ने अपनी शानदार गेंदबाजी से भारत को यह मैच 87 रनों से जिता दिया था।

भारतीय टीम 1992 से लेकर अब तक पांच कप्तानों के नेतृत्व में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उसी के घर में कुल छह टेस्ट श्रृंखलाएं खेल चुकी हैं। जिनमें से भारतीय टीम को 5 श्रृंखलाओं में हार का सामना करना पड़ा है। वर्ष 2010 में भारतीय टीम महेन्द्र सिंह धोनी के नेतृत्व में एक श्रृंखला ड्रॉ करवाने में सफल रही थी। वर्ष 1992-93 में भारतीय टीम ने मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी में दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया। टीम ने इस दौरे पर चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेली, जिसमें भारत को 1-0 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद भारत ने सचिन तेंदुलकर के नेतृत्व में 1996-1997 में 3 मैचों की टेस्ट श्रृंखला खेलने दक्षिण अफ्रीका पहुंची। यह

श्रृंखला अफ्रीका ने 2-0 से जीता।

वर्ष 2001-02 में भारतीय क्रिकेट को एक अलग पहचान दिलाने वाले बायें हाथ के कलात्मक बल्लेबाज सौरभ गांगुली के नेतृत्व में भारत ने दक्षिण अफ्रीका में 2 मैचों की टेस्ट श्रृंखला खेली। यह श्रृंखला भी भारत 1-0 से हारा।

वर्ष 2006-07 में भारत राहुल द्रविड़ के नेतृत्व में तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला के लिए अफ्रीका पहुंची और यह श्रृंखला भी दक्षिण अफ्रीका ने 2-1 से जीता। हालांकि द्रविड़ की कप्तानी में भारत ने इस श्रृंखला में पहली टेस्ट जीत भी दर्ज की।

इसके बाद भारतीय टीम ने महेन्द्र सिंह धोनी के नेतृत्व में 2010-11, और 2013-14 में दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया। 2010-2011 में तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला 1-1 से ड्रा समाप्त हुई, जबकि 2013-2014 में 2 टेस्ट मैचों की श्रृंखला में भारत को 1-0 से हार का सामना करना पड़ा।

वर्ष 1991 में दक्षिण अफ्रीका ने किया था भारत का दौरा

भारत के दौरे से पहले दक्षिण अफ्रीका ने वर्ष 1991 में नवम्बर में भारत का दौरा किया था। यह मैत्री सीरीज़ से पहले दक्षिण अफ्रीका का भारत का पहला दौरा था। इस दौरे पर तीन एकदिवसीय मैच खेले गए थे, जिनका आयोजन ईडन गार्डन्स, (कोलकाता), कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम (ग्वालियर) और जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (नई दिल्ली) में किया गया था। भारत ने यह श्रृंखला 2-1 जीती थी।