DE13MASKTRAFFIC वाह रे - हिमाचल पुलिस, सीट बेल्ट ना पहनने पर स्कूटी चालक का काटा चालान

 

ऊना: कोरोना के कारण देश भर में लॉकडाउन लगा हुआ है। जिसके चलते लोगों को घरों में ही रहने की अपील की जा रही है। ऐसे में उन्हीं लोगों को घरों से बाहर निकलने को दिया जा रहा है जिनके पास क्र्फूय का पास है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के गगरेट में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सबको हैरानी में डाल दिया है। पुलिस ने लॉकडाउन के दौरान एक स्कूटी वाले का चालान किया है। चालान के पेपर में उसने बेल्ट न लगाने को भी चालान का कारण बताया है।

इससे पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं 

कोरोना के कारण पहले से ही आम आदमी की हालत काफी बुरी हो चुकी है। ऐसे में पुलिस की इस हरकत ने एक बार फिर शर्मशार कर दिया है। जरा सोचिए कि अगर इन परिस्थितियों में डॉक्टर और नर्स जैसे लोग अपना काम सही तरीके से न कर पाएं तो मरीजों का क्या होगा।  शुक्र है कि स्वास्थ्य कर्मी खुद को हर हाल में ठीक रखते है और लोगों को इस महामारी से बचाने में लगे हैं। ऐसे में पुलिसकर्मियों की जिम्मेवारी है कि वे इस लॉकडाउन का पालन सही तरीके से करवाएं। लेकिन पुलिस भी कई बार ऐसी असावधानियां बरत रहे हैं कि उन पर संदेह होने लगता है।

चालान में दिखाए गए चार ऑफेंस

आपको बता दें कि काटे गए चालान में 4 ऑफेंस दिखाए गए हैं। पहला ऑफेंस है चालक का बिना हेलमेट होना।  दूसरे ऑफेंस के तहत में यह बताया गया है कि स्कूटी चालक ने सीट बेल्ट नहीं लगा रखी थी। काटे गए चालान के मुताबिक तीसरा ऑफेंस खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाना है और चोथा पुलिसकर्मी के रोकने पर भी चालक का स्कूटी न रोकना।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

ऐसा कई बार देखा गया है कि लोग लगातार यह शिकायत  करते हैं कि पुलिस का रवैया उनके लिए सही नहीं है। ऐसे में लॉकडाउन के दौरान हर नागरिक को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए और पुलिसवालों को भी चाहिए कि वे लॉकडाउन का पालन सख्ती से करवाएं। लेकिन जिस स्कूटी चालक का चालान काटा गया है, वह मेडिकल पेशे से जुड़ा है और सरकार की ओर से इस लॉकडाउन में इस पेशे को छूट दी गई है. सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि आखिर कोई भी चालक स्कूटी पर सीट बेल्ट कैसे लगाए? ऐसे में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजमी है।

कोर्ट भेजने से पहले किया गया सही

मामला सामने आने के बाद पुलिस का बयान भी सामने आया। पुलिस का कहना है कि ये मोबाइल ऐप से काटा गया चालान है। जिसमें सीट बेल्ट का ऑप्शन क्लिक हो गया। जब ऑप्शन सेलेक्ट किया तो साथ में सीट बेल्ट का ऑप्शन भी क्लिक हो गया होगा, लेकिन कोर्ट में इसे सही करके ही भेजा गया है।

 

 

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