Breaking News featured देश धर्म

चौथा नवरात्रा: जानिए कैसे करें मां कुष्मांडा की उपासना

WhatsApp Image 2018 03 20 at 5.27.13 PM चौथा नवरात्रा: जानिए कैसे करें मां कुष्मांडा की उपासना

कल यानि की बुधवार को चौथा नवरात्रा है। इस दिन मां कुष्मांडा की पूजा की जाती है। मां को सूर्य के समान तेजस्वी माना जाता है। मां  के इस रुप का व्याखान कुछ इस तरह से किया गया है। मां की आठ भुजाएं हमें कर्मयोगी जीवन अपनाकर तेज अर्जित करने की प्रेरणा देती हैं। उनकी मुस्कान हमें हर स्थिति में मुस्कुराने की प्रेरणा देती है, कठिन से कठिन मार्ग पर हंसते हुए चलने की हिम्मत देती है।

WhatsApp Image 2018 03 20 at 5.27.13 PM चौथा नवरात्रा: जानिए कैसे करें मां कुष्मांडा की उपासना

 

 

सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
दधाना हस्तपद्माभ्यां कुष्मांडा शुभदास्तु मे।

 

इस देवी की आठ भुजाएं हैं, इसलिए अष्टभुजा कहलाईं। इनके सात हाथों में क्रमशः कमण्डल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र तथा गदा हैं। आठवें हाथ में सभी सिद्धियों और निधियों को देने वाली जप माला है।

 

इस देवी का वाहन सिंह है और इन्हें कुम्हड़े की बलि प्रिय है। संस्कृति में कुम्हड़े को कुष्मांड कहते हैं इसलिए इस देवी को कुष्मांडा। इस देवी का वास सूर्यमंडल के भीतर लोक में है। सूर्यलोक में रहने की शक्ति क्षमता केवल इन्हीं में है। इसीलिए इनके शरीर की कांति और प्रभा सूर्य की भांति ही दैदीप्यमान है। इनके ही तेज से दसों दिशाएं आलोकित हैं। ब्रह्मांड की सभी वस्तुओं और प्राणियों में इन्हीं का तेज व्याप्त है।

 

अचंचल और पवित्र मन से नवरात्रि के चौथे दिन इस देवी की पूजा-आराधना करना चाहिए। इससे भक्तों के रोगों और शोकों का नाश होता है तथा उसे आयु, यश, बल और आरोग्य प्राप्त होता है। ये देवी अत्यल्प सेवा और भक्ति से ही प्रसन्न होकर आशीर्वाद देती हैं। सच्चे मन से पूजा करने वाले को सुगमता से परम पद प्राप्त होता है।

 

विधि-विधान से पूजा करने पर भक्त को कम समय में ही कृपा का सूक्ष्म भाव अनुभव होने लगता है। ये देवी आधियों-व्याधियों से मुक्त करती हैं और उसे सुख-समृद्धि और उन्नति प्रदान करती हैं। अंततः इस देवी की उपासना में भक्तों को सदैव तत्पर रहना चाहिए।

Related posts

ईवीएम पर उठे विवाद को बढ़ता देख ईसीआई ने दिल्ली पुलिस को लिखा पत्र

Rani Naqvi

कोरोना ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, 24 घंटे में 3.46 लाख केस, 2624 की मौत

Saurabh

कान्हा के ब्रज के कायाकल्प के लिए खर्च होंगे 16000 करोड़, 9000 करोड़ रुपये से संवरेगा 84 कोसीय परिक्रमा मार्ग

Rahul