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अभिनेता से नेता बने भाजपा सांसद मनोज तिवारी दिल्ली में छठ पर्व पर लगी पाबंदियों से नाखुश

मनोज तिवारी अभिनेता से नेता बने भाजपा सांसद मनोज तिवारी दिल्ली में छठ पर्व पर लगी पाबंदियों से नाखुश

दिल्ली सरकार व दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) द्वारा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में छठ पूजा के सार्वजनिक व खुले में उत्सव पर प्रतिबंध लगें जाने के बावजूद, अभिनेता से नेता बने भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने विश्वास जताया है कि पूर्वाचल समुदाय के समर्थन से कोविड -19 नियमों का पालन करते हुए खुले में उत्सव मनाने की अनुमति दी जाएगी। उत्तरी-पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी ने कहा है कि, “छठ को स्वच्छता के साथ मनाया जाता है। इसे खुले में सभी कोविड -19 दिशानिर्देशों का पालन करते हुए आसानी से मनाया जा सकता है।”

पूर्वांचल राज्य में मनाए जाने वाला छठ पर्व मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश उत्तराखंड में हिंदू धर्म के लोगों द्वारा मनाया जाने वाला एक बहुत बड़ा पर्व है। जो इस साल 10 नवंबर को मनाया जाएगा।

हालांकि इस महीने की शुरुआत के साथ ही त्योहारों के मौसम का भी आरंभ हो चुका है जिसको देखते हुए दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी ताजा कोविड -19 दिशानिर्देशों के अनुसार, शहर में छठ पूजा समारोह सार्वजनिक स्थानों यानी खुले में छठ पर्व मनाने को मना कर दिया गया है उन लोगों को घर में ही छठ पर्व मनाने की सलाह दी गई है।

हालांकि उत्तर पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी लगातार दिल्ली सरकार व डीडीएमए के फैसले पर बार-बार सवाल खड़े कर रही है।

तिवारी ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि, “दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में दिल्ली सरकार के लोग शामिल हैं। जिसने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में छठ समारोह पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा है। हमें नहीं लगता यह उचित है।”

वही भाजपा सांसद मनोज तिवारी पूर्वांचल सदस्यों का समर्थन हासिल करने के लिए रथ यात्रा कर रहे हैं।

मनोज तिवारी ने आगे कहा है कि “दिल्ली में महिलाएं मुझे मुलाकात कर रही है और हमेशा की तरह छठ पर्व मानने की इच्छा व्यक्त कर रही है और मुझे यकीन है कि समुदाय समर्थन से हम अपना लक्ष्य हासिल करेंगे।”

सांसद मनोज तिवारी द्वारा डीडीएमए के फैसले का विरोध व भाजपा द्वारा हाल ही में किए गए संवाददाता सम्मेलन की निंदा करते हुए आम आदमी पार्टी ने कहा है कि लोगों का स्वास्थ्य और जीवन हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है। यह दुख की बात है कि भाजपा इस पर भी गंदी राजनीति कर रही है। भाजपा को लोगों के जीवन की कोई चिंता नहीं।

 

 

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