सुंजवां में शहीद राकेश रतूड़ी के अंतिम यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री

देहरादून। जम्मू के सुंजवां में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद राकेश रतूड़ी का बुधवार को देहरादून के शिमला बाईपास बडोवाला स्थित घर से अंतिम यात्रा निकली। अंतिम यात्रा में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी शामिल हुए। साथ ही अंतिम यात्रा में हरिद्वार सांसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत, मसूरी विधायक गणेश जोशी, कैंट विधायक विनोद चमोली, सहसपुर विधायक सहदेव पुंडीर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, उपाध्याक्ष सूर्यकांत धस्माना, भाजपा महानगर अध्यक्ष विनय गोयल, सुनील उनियाल गामा, जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन, एसएसपी निवेदिता कुकरेती समेत सब एरिया के अधि कारियों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी।

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बता दें कि इसके बाद शव यात्रा हरिद्वार के लिए निकाली गई। यात्रा में मौजूद भीड़ पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। इस दौरान लोगों में पाकिस्तान के प्रति आक्रोश देखने को मिला। भारतीय सेना जिंदाबाद के नारों के बीच शहीद का पार्थिव शरीर गाड़ी से हरिद्वार के लिए रवाना हुआ। हरिद्वार के खड़खड़ी घाट पर शहीद का अंतिम संस्कार होगा। यात्रा में राकेश रतूड़ी अमर रहे, रतूड़ी तेरा ये बलिदान याद रखेगा जैसे अन्य देश भक्ति् के नारे लगाए जा रहे है। लोगों में पाकिस्तान को लेकर भारी रोष दिखा। जम्मू कश्मीर के सुंजवां में तीन दिन पहले आतंकियों ने हमला किया था।

वहीं इस दौरान आतंकियों से लोहा लेते हुए हवलदार राकेश रतूड़ी (44) गंभीर रूप से घायल हो गए। जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए सेना के अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। हवलदार राकेश रतूड़ी महार रेजीमेंट में तैनात 1996 में भर्ती हुए थे। वे मूलरूप से पौड़ी गढ़वाल के पाबौ ब्लॉक की बाली कंडारस्यूं पट्टी स्थित सांकर सैंण गांव के रहने वाले थे। उन्होंने देहरादून के शिमला बाईपास बड़ोवाला में सालभर पहले ही घर बनाया था।