untitled 31 सरकारी नियम बदलकर मरीजों से किराए के नाम पर वसूल रहे रूपए

लखनऊ। बलरामपुर अस्पताल प्रशासन ने सरकारी नियमों को किनारे धर कर खुद के नियम बना दिए हैं। अस्पताल में लैप्रोस्कोपी मशीन न होने बाद भी किराए पर मशीन मंगाकर मरीजों की दूरबीन विधि से सर्जरी कर रहे हैं। किराए पर मंगाई गई मशीन के जरिए मरीजों से किराए के नाम पर दस हजार रूपए से अधिक वसूले जा रहे हैं।

सरकारी नियमों में बदलाव करके बिना शासन को सूचना दिए ही यह खेल काफी अरसे से चल रहा है। इसे लेकर मामले की लिखित शिकायत सीएम पोर्टल पर दर्ज कराई गई है। मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
निदेशक के संज्ञान में मामला 
बलरामपुर अस्पताल में करीब एक साल से लैप्रोस्कोपी विधि जरिए मरीजों की डाॅ विवेक सर्जरी कर रहे हैं। अस्पताल में लैप्रोस्कोपी मशीन न होने बाद भी निजी कंपनी से किराए पर मशीन मंगाई जा रही है। जिसके बाद मरीजों से सर्जरी से पहले मशीन किराया वसूला जा रहा है। आरोप है कि हर मरीज से करीब आठ से दस हजार रूपए शुल्क लिया जा रहा है। ऐसे में गरीब मरीज शुल्क न दे पाने पर उनकी लैप्रोस्कोपी जरिए सर्जरी नहीं की जा रही है।
उन मरीजों का सामान्य तरीके से सर्जरी की जा रही है। सबसे बडी बात यह है कि अस्पताल निदेशक ने किराए पर मशीन मंगाकर मरीजों से किराया लिए जाने मामले की कोई भी जानकारी व अनुमति तक शासन से नहीं लिया है। खुद के नियम बनाकर सर्जरी शुरू कराई गई है। डाॅ विवेक सक्सेना ने बताया कि मरीजों से कितना किराया लिया जा रहा है इस बारे में निदेशक को जानकारी है। अस्पताल निदेशक डाॅ राजीव लोचन के नंबर पर कई दफा काॅल किया गया मगर फोन नहीं उठा। उनके नंबर पर मैसेज भी किया गया है।
शासन तय करता है सर्जरी व जांच शुल्क
सरकारी अस्पताल में होने वाली जांच व सर्जरी का शुल्क शासन तय करता है। अस्पताल अपने स्तर से जांच व सर्जरी का कोई भी शुल्क तय नहीं कर सकता है। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने लैप्रोस्कोपी मशीन जरिए निजी कंपनी को बढावा दे रहा है।
किसी भी सरकारी अस्पताल में नहीं है लैप्रोस्कोपी सर्जरी
राजधानी के किसी भी सरकारी अस्पताल में अभी तक लैप्रोस्कोपी मशीन की सुविधा नहीं है। ऐसे में सामान्य तरीके से ही सभी सरकारी अस्पताल में सर्जरी की जाती है। बलरामपुर अस्पताल ने करीब आठ माह पहले शासन को पत्र भेजकर मशीन की मांग किया था। अभी तक मशीन न मिलने पर किराए पर मशीन मंगाकर मरीजों से किराए के नाम पर शुल्क वसूला जा रहा है।
स्वास्थ्य महानिदेशक डाॅ डीएस नेगी ने कहा
किराए के नाम पर शुल्क लिए जाने मामले में मुझे जानकारी नहीं है। आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत हुई तो जांच आने पर संबंधित अस्पताल से जवाब मांगा जाएगा।

बिना यात्रियों के ही 103 किलोमीटर तक सरपट दौड़ती रही ट्रेन, जानिए क्या है पूरा मामला

Previous article

मोदी और योगी गुलाल से भरा पड़ा है बाजार, चीनी सामान पूरी तरह से आउट

Next article

You may also like

Comments

Comments are closed.

More in यूपी