बिना यात्रियों के ही 103 किलोमीटर तक सरपट दौड़ती रही ट्रेन, स्टेशन पर उतरे सिर्फ चालक और गार्ड

गोरखपुर: आपने यात्रियों से खचाखच भरी ट्रेनों के बारे में तो खूब सुना होगा, लेकिन क्या आपने कभी ऐसा देखा है कि कोई एक्सप्रेस ट्रेन बिना यात्रियों के ही अपने गंतव्य तक पहुंच जाए। बिहार के थावे-छपरा कचहरी तक जाने वाली एक अनारक्षित एक्सप्रेस ट्रेन के साथ कुछ ऐसा ही वाक्या सामने आया है।

ये ट्रेन 103 किलोमीटर तक दौड़ती रही, इस दौरान इसमें एक भी यात्री नहीं था। ट्रेन में सिर्फ चालक, सहायक चालक और पीछे के डिब्बे में गार्ड मौजूद था। इस एक्सप्रेस ट्रेन ने 3 घंटे में अपनी यात्रा पूरी कर ली।

21 मार्च को चली थी एक्सप्रेस

गौरतलब है कि 21 मार्च को दस बोगियों के साथ ये अनारक्षित ट्रेन थावे स्टेशन से चली थी।  ट्रेन अपने निर्धारित समय रात दस बजे छपरा कचरही स्टेशन पहुंच गई, लेकिन ट्रेन के डिब्बों का दृश्य देखकर लोग हैरान हो गए। इस ट्रेन के डिब्बों में एक भी यात्री नहीं थे।

रिपोर्ट में हुए चौंकाने वाले खुलासे

बता दें कि रेलवे प्रशासन ने आठ मार्च को इन अनारक्षित ट्रेनों का संचालन शुरू किया था। एक्सप्रेस ट्रेन के बराबर किराया होने के कारण लोगों ने इस ट्रेन में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसके कुछ दिनों के बाद रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की संख्या जानने के लिए जब रिपोर्ट मांगी तो कई चौकाने वाले मामले सामने आए।

8 दिनों में 6 हजार ने की यात्रा

रिपोर्ट में पता चला कि वाराणसी मंडल थावे-छपरा ट्रैक पर चलने वाली अनारक्षित ट्रेन में यात्रियों की संख्या शून्य थी। जबकि ट्रैन में सीटों की कुल संख्या 772 है।

वहीं रिपोर्ट में ये भी पता चला कि जौनपुर से चलने वाली ट्रेन में भी यात्रियों की संख्या महज दो फीसदी थी। गोरखपुर-सीवान पैसेंजर में सिर्फ 19 फीसदी लोगों ने ट्रेन में सफर किया था। 13 मार्च से अब तक कुल छह हजार यात्रियों ने ही इनमें यात्रा की है।

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