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ड्रोन रेगुलेशन पर केंद्र सरकार सख्त, नियमों में संसोधन कर जारी की नई अधिसूचना

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नई दिल्ली: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने ड्रोन के अनावश्यक इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए एक अधिसूचना जारी की है। इस अधिसूचना में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने ड्रोन बनाने, बेचेन-खरीदने, ऑपरेशन से जुड़े नियमों को लेकर एक अधिसचूना जारी ​कर दी है।

ये हैं ड्रोन के नए नियम

1- बता दें कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा देशभर में 250 ग्राम से ज्यादा वजन के ड्रोन उड़ाने के लिए लाइसेंस और ट्रैनिंग अनिवार्य कर दिया गया है।

2- इसके साथ ही बिना ट्रेनिंग और बिना लाइसेंस ड्रोन उड़ाने पर 25 हजार रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान कर दिया गया है।

3- वहीं रिमोट पाइलेट लाइसेंस के लिए न्यूनतम 18 वर्ष की उम्र, दसवीं तक की पढ़ाई, मेडिकली फिट होने के साथ सरकारी परीक्षा भी पास करनी होगी।

4- नए नियम 12 मार्च से लागू हो गए हैं। इन नियमों को मानव रहित विमान प्रणाली नियम 2021 नाम दिया है।

5- इन नियमों के तहत अब ड्रोन्स के निर्माण, ऑपरेशन, आयात, निर्यात, ट्रांसफर और कारोबार के लिए सरकार से पहले मंजूरी लेने की अनिवार्यता लागू कर दी है।

6- ड्रोन्स को रेगुलेट करने और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी डीजीसीए की रहेगी।

7- वजन के हिसाब से ड्रोन को नेनो, माइक्रो, स्मॉल, मीडियम और लार्ज श्रेणी में बांटा गया है। नेनो ड्रोन के अलावा सभी ड्रोन्स को ऑपरेट करने के लिए परमिट, लाइसेंस और बीमा लेना जरूरी कर दिया गया है।

9- देश में पहले से मौजूद सभी ड्रोन्स को अब उड़ने से पहले नए मानकों की पालना करनी होगी।

10- दुर्घटना पर मोटर व्हीकल अधिनियम की तर्ज पर नुकसान का भुगतान करने का भी नए नियमों में प्रावधान किया गया है।

इंटरनेशनल बार्डर मेें ड्रोन इस्तेमाल के ये हैं नए नियम

नए नियमों में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा साफ निर्देशित करते हुए कहा गया है कि बिना लाइसेंस के ड्रोन उड़ाना, हथियारों और खतरनाक चीजों का ले जाना, प्रतिबंधित क्षेत्रों में उड़ाना और फोटोग्राफी करने को दंडनीय अपराध बना दिया गया है। इंटरनेशनल बार्डर के अंदर 25 किलोमीटर तक ड्रोन की उड़ानों को प्रतिबंधित कर दिया गया है।

​ड्रोन नियमों की ड्राफ्टिंग में ये रहे मौजूद

गौरतब है कि केंद्र द्वारा बनाए गए ड्रोन के नए नियमों में राजस्थान यूनिवर्सिटी के छात्र रहे। इसके साथ ही डीजीसीए नई दिल्ली के सहायक निदेशक डॉ. रामस्वरूप मंगलाव का अहम योगदान रहा है। मंगलाव गंगानगर जिले के बीरमाना गांव के रहने वाले हैं। वे लॉ में डॉक्टरेट हैं। इसके साथ ही वे सीबीआई में भी बतौर लोक अभियोजक अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

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