UP बंद के बाद भी यूपी के कई हिस्सों में हुआ CAA का विरोध, अब तक 16 लोगों की मौत

नई दिल्ली। संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ उत्तर प्रदेश में शनिवार को और हिंसा हुई तथा कानपुर एवं रामपुर में भीड़ ने आगजनी की और पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई, फलस्वरूप एक व्यक्ति की मौत हो गयी। बिहार में विपक्षी राजद के बंद के दौरान बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ हुयी तथा रेल एवं सड़क यातायात बाधित हुआ।

उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में बृहस्पतिवार से हिंसा में अब तक कम से कम 16 लोग मारे जा चुके हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा कि हिंसा की वारदात में 260 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं जिनमें से 57 को गोलियां लगी हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने कानपुर में यतीमखाना पुलिस चौकी को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान जबरदस्त पथराव भी हुआ जिसमें पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने भीड़ को तितर बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे । 

रामपुर में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प में एक व्यक्ति की जान चली गयी और पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गये। हिंसा के दौरान पांच दुपहिया वाहनों और एक कार में आग लगा दी गयी। पुलिस लाठीचार्ज में पांच प्रदर्शनकारी घायल हुए।

राष्ट्रीय राजधानी में पुरानी दिल्ली और सीमापुरी के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गयी थी। दिल्ली पुलिस ने शनिवार सुबह जामा मस्जिद से निकलने पर भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को हिरासत में ले लिया। उन्होंने शुक्रवार को वहां संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

दरियागंज हिंसा के संबंध में गिरफ्तार 15 लोगों को दो दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया जबकि सीमापुरी की घटना के सिलसिले में 15 लोग एक पखवाड़े के लिए जेल भेज दिये गये। पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने हिंसाप्रभावित क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया। इंडिया गेट, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, राजघाट, उत्तर प्रदेश भवन के पास शनिवार को भी प्रदर्शन हुआ। पुलिस के अनुसार कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है।

असम और पश्चिम बंगाल में स्थिति शांतिपूर्ण रही जबकि मेघालय में इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गयी। असम में प्रदर्शनकारियों ने संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ रैलियां निकालीं। बिहार में राजद के बंद के दौरान सभी जिलों में उसके समर्थक हाथों में लाठियां और पार्टी के झंडे लेकर बस स्टैंडों, रेलवे मार्गों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर जमा हुए। वे रेल पटरियों पर बैठ गये और उन्होंने ट्रेनों की आवाजाही में रूकावट पैदा की। 

भागलपुर, मुजफ्फरपुर और पटना के बाहरी इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने बंद के बाद भी सड़कों पर चल रही टैक्सियों और तिपहिया वाहनों के शीशे तोड़ दिये। चेन्नई समेत दक्षिण भारत के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए। चेन्नई में रेलवे स्टेशन पर माकपा कार्यकर्ताओं ने ट्रेनें रोकने की कोशिश की जिसे पुलिस ने विफल कर दिया। केरल में कांग्रेस ने सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया। तमिलनाडु और केरल में कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा मंगलुरू गये और उन्होंने दो व्यक्तियों के परिवारों से भेंट की जो बृहस्पतिवार को प्रदर्शन के दौरान पुलिस गोलीबारी में मारे गये थे। पुलिस ने केरल से भाकपा के राज्यसभा सदस्य बिनय विश्वम और पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया जिन्होंने कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए प्रदर्शन किया।

संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन के बीच भाजपा के सहयोगी शिरोमिण अकाली दल ने केंद्र से नये कानून में संशोधन कर उसमें मुसलमानों को भी शामिल करने की अपील की और कहा कि धर्म के आधार पर किसी को बाहर नहीं रखा जाना चाहिए। बसपा सुप्रीमो मायावती ने केन्द्र सरकार से शनिवार को कहा कि वह संशोधित नागरिकता कानून और एनआरसी पर अपनी जिद छोड़कर अपने फैसले वापस ले क्योंकि अब सीएए और एनआरसी के विरोध में राजग में भी विरोध के स्वर उठने लगे हैं। 

आलोचनाओं से बेपरवाह भाजपा ने घोषणा की कि वह विपक्ष के ‘झूठ को बेनकाब करने के लिए विशेष संपर्क अभियान चलायेगी और लोगों को इस बात के लिए कानून की बारीकियां बताएगी कि यह वर्तमान नागरिकों के विरूद्ध नहीं है। भाजपा महासचिव भूपेंद्र यादव ने संवाददाताओं से कहा कि भाजपा अगले दस दिनों में तीन करोड़ परिवारों से संपर्क करेगी, हर जिले में रैली करेगी और देशभर में 250 से अधिक पत्रकार वार्ता करेगी।

उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार कानपुर में हिंसा के बाद सपा विधायक अमिताभ वाजपेयी को एहतियात के तौर पर हिरासत में ले लिया गया। उनके वाहन जब्त कर लिये गये। चार दिन बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के परिसर में शनिवार को फिर विरोध प्रदर्शन हुए। एएमयू के सैंकड़ों शिक्षकेतर कर्मचारियों ने एएमयू शिक्षक संघ के साथ मिलकर प्रदर्शन किया। पुलिस महानिदेशक ओ पी सिंह ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने महिलाओं व बच्चों को ढाल बनाया था।

इस बीच संशोधित नागरिकता कानून के समर्थन में भारत और विदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के करीब 1,100 शिक्षाविदों और शोध विशेषज्ञों ने शनिवार को एक बयान जारी किया। बयान में हस्ताक्षर करने वालों में राज्यसभा सदस्य स्वप्न दासगुप्ता, आईआईएम शिलांग के प्रमुख शिशिर बजोरिया, नालंदा विश्वविद्यालय की कुलपति सुनैना सिंह, जेएनयू के डीन (एसएलएल और सीएस) ऐनुल हसन, इंस्टीट्यूट ऑफ पीस एंड कन्फ्लिक्ट स्टडीज में सीनियर फेलो अजिभीत अय्यर मित्रा और पत्रकार कंचन गुप्ता शामिल हैं।

Rani Naqvi
Rani Naqvi is a Journalist and Working with www.bharatkhabar.com, She is dedicated to Digital Media and working for real journalism.

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