November 28, 2021 11:51 am
उत्तराखंड

अल्मोड़ा: चितई में स्थित प्रसिद्ध है गोलू मंदिर, नहीं है शौचालय की सुविधा

Screenshot 91 अल्मोड़ा: चितई में स्थित प्रसिद्ध है गोलू मंदिर, नहीं है शौचालय की सुविधा  
Nirmal Almora अल्मोड़ा: चितई में स्थित प्रसिद्ध है गोलू मंदिर, नहीं है शौचालय की सुविधा    निर्मल उप्रेती, संवाददाता
अल्मोड़ा के चितई में स्थित प्रसिद्ध गोलू मंदिर में हर साल देश विदेश से लाखों की संख्या में धार्मिक पर्यटक पहंुचते हैं। लेकिन इस चितई बाजार में पर्यटकों के लिए एक पब्लिक शौचालय तक उपलब्ध नहीं है।
शौचालयों में गंदगी का आलम 

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शौचालय ना होने के कारण उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। हालांकि यहाँ 2 शौचालय बनाये गए, जिनमंे से एक सालों से गंदगी से भरा पड़ा है। दूसरे में बनने के बाद से ही ताला लटका हुआ है। ऐसे में जनता को हो रही इस असुविधा का सुध लेने वाला कोई नहीं है।
पर्यटकों का मुख्य केंद्र है चितई 
अल्मोड़ा जिला मुख्यालय से करीब 6 किलोमीटर की दूरी पर चितई पर्यटकों का मुख्य केंद्र है। यहाँ मौजूद गोलू देवता मंदिर की काफी आस्था होने के कारण यहाँ हर साल लाखों की संख्या में देश विदेश से श्रद्धालु उनके दर्शनों को पहुंचते हैं। लेकिन यहाँ पहुचकर उन्हें एक भी पब्लिक शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती है। ऐसा नही है कि यहाँ शौचालय नहीं बना। काफी साल पहले यहाँ बाजार में पर्यटन विभाग के मद से पहले एक टॉयलेट बनाया गया। लेकिन स्वच्छ भारत अभियान का बोर्ड लगे इस टॉयलेट की हालत ऐसी है कि बिना दरवाजे का यह टॉयलेट सालो से गंदगी से भरा पड़ा है। टॉयलेट के अंदर जाना तो दूर की बात बाहर से ही लोग इसकी ओर देखकर मुँह सिंघोड़ लेते हैं।
Screenshot 92 अल्मोड़ा: चितई में स्थित प्रसिद्ध है गोलू मंदिर, नहीं है शौचालय की सुविधा  
20 लाख की लागत से बनाया था हाईटेक शौचालय
 इसके बाद पर्यटन विभाग की ओर से यहाँ लगभग 20 लाख की लागत से एक हाईटेक शौचालय बनाया गया। लेकिन यह हाईटेक शौचालय को संचालित करने वाला नहीं मिलने से यह बनने के बाद से ही बंद है। इसके गेट में अंदर से ताला लटका हुआ है। ऐसे में बाहर से चितई आने वाले पर्यटकों को यहाँ शौचालय न होने से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
चितई के स्थानीय लोगों की माने तो यहाँ लाखो से संख्या में बाहर से पर्यटक पहुचते हैं लेकिन पब्लिक शौचालय की सुविधा यहाँ उपलब्ध नही होने के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। 2 शौचालयों में से यहाँ एक भी उपयोग में नही है।  एक शौचालय गंदगी से भरा पड़ा है दूसरे में ताला। जबकि यहाँ मंत्री, मुख्यमंत्री से लेकर आला अधिकारी गोल्ज्यू दरबार मे माथा टेकने आते हैं, लेकिन उन्हें जनता को हो रही असुविधा की कोई परवाह नहीं है।

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