sant वृंदावन: कुंभ परिसर में ब्राह्मण सेवा संघ का शिविर, बांके बिहारी जी के गूंजे जयकारे

लखनऊ: मथुरा के वृंदावन में कुंभ मेला परिसर में स्थापित ब्राह्मण सेवा संघ के शिविर में विराजमान ठाकुर श्री बांके बिहारी जी महाराज के दर्शन आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं।

sant m वृंदावन: कुंभ परिसर में ब्राह्मण सेवा संघ का शिविर, बांके बिहारी जी के गूंजे जयकारे

पहली आरती बांके बिहारी मंदिर के सेवायत आचार्य आनंद बल्लभ गोस्वामी ने की, पूरे कुंभ परिसर बांके बिहारी जी के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर संत महानुभावों ने होली के पद गायन कर माहौल को रंगीन कर दिया।

श्रद्धालुओं ने किए बांके बिहारी के दर्शन

वहीं श्रद्धालु बांके बिहारी जी महाराज के दर्शन कर उत्साहित हो उठे। इस दौरान कवि अशोक अज्ञ ने “टेडी ही लाठी कूं हाथ लिए, टेढों खड़ों मेरों बांके बिहारी।” सवैया का गायन कर बिहारी जी महाराज की छवि का सरस वर्णन किया।

N1 वृंदावन: कुंभ परिसर में ब्राह्मण सेवा संघ का शिविर, बांके बिहारी जी के गूंजे जयकारे

इस अवसर पर शिविर में नारद भक्ति आश्रम के संस्थापक ब्रह्मलीन संत दण्डी स्वामी श्री श्यामानंद सरस्वती महाराज की द्वितीय पुण्य तिथि भक्ति पूर्ण वातावरण में मनाई गई।

N2 वृंदावन: कुंभ परिसर में ब्राह्मण सेवा संघ का शिविर, बांके बिहारी जी के गूंजे जयकारे

आयोजन में ब्राह्मण सेवा संघ के संस्थापक पंडित चंद्रलाल शर्मा ने कि, दण्डी स्वामी श्री श्यामानंद सरस्वती जी महाराज परम साधक एवं सिद्ध संत थे। उनकी वाणी में सरस्वती का निवास था, वे ब्रज की महान विभूति थे।

banke 3 वृंदावन: कुंभ परिसर में ब्राह्मण सेवा संघ का शिविर, बांके बिहारी जी के गूंजे जयकारे

शिविर के संयोजक सत्यभान शर्मा एवं कार्ष्णि श्री नागेन्द्र महाराज ने कहा कि संत एवं परमात्मा में भेद नहीं किया जा सकता। संत जो कुछ भी करते हैं वह प्रभु प्रेरित होता है। इसलिए संत सदैव दयालु, कृपालु, उदार होते हैं। और जन कल्याण के लिए समर्पित रह कर साधना करते हैं।

N5 वृंदावन: कुंभ परिसर में ब्राह्मण सेवा संघ का शिविर, बांके बिहारी जी के गूंजे जयकारे

पंडित जगदीश नीलम और पंडित बिहारी लाल शास्त्री ने कहा कि, सच्चा गुरु वही है, जो अपने शिष्य के भटकाव को समाप्त कर परमात्मा की आत्मानुभूति कराता है। साथ ही सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि हमें गुरु के महत्व को समझना चाहिए। गुरु गोविंद से मिलाने की पूर्ण क्षमता रखता है।

N7 1 वृंदावन: कुंभ परिसर में ब्राह्मण सेवा संघ का शिविर, बांके बिहारी जी के गूंजे जयकारे

महंत विमल चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज ने अपने धन्यवाद ज्ञापन में कहा कि, संत की वाणी ही अमृतमई होती है। जो प्राणी को सदमार्ग दर्शा कर सत्कर्म की प्रेरणा देती है। हमें अपने गुरु के प्रति पूर्ण निष्ठावान रहकर उनके मार्ग में हमें प्रभु की साधना करनी चाहिए।

स्वामी शिवानंद सहित कई संत रहे मौजूद

इस अवसर पर स्वामी शिवानंद महाराज, कृष्ण चन्द्र गौतम, नंद कुमार पाठक, आश्रित गोस्वामी, लाला व्यास, चीनू शर्मा, सुनील कौशिक, संतोष चतुर्वेदी, पंडित संतराम, डॉक्टर प्रताप पाल शर्मा, अविनाश शर्मा, उदयन शर्मा, सर्वेश तिवारी, ब्रजेश शर्मा, नरेंद्र शर्मा, सुनील फौजदार, वीडी शर्मा सहित कई संत मौजूद रहे।

केरल में गरजे CM योगी, कहा- इस्लामिक स्टेट बनाने की साजिश है ‘लव जिहाद’

Previous article

हापुड़ में सामने आया एसिड अटैक का मामला, कुछ ही घंटों में आरोपी गिरफ्तार

Next article

You may also like

Comments

Comments are closed.

More in featured