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कांग्रेस का बीजेपी सरकार पर कटाक्ष, दीपक बल्यूटिया बोले- अनुभवहीन मुख्यमंत्री नई घोषणाओं से पहले पुरानी घोषणाओं का हिसाब दें

WhatsApp Image 2021 09 08 at 4.34.57 PM कांग्रेस का बीजेपी सरकार पर कटाक्ष, दीपक बल्यूटिया बोले- अनुभवहीन मुख्यमंत्री नई घोषणाओं से पहले पुरानी घोषणाओं का हिसाब दें
अनुभवहीन मुख्यमंत्री नई घोषणाओं से पहले पुरानी घोषणाओं का हिसाब दें

कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता दीपक बल्यूटिया ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नैनीताल दौरे को चुनावी स्टंट बताते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री धामी को अनुभवहीन बताते हुए कहा कि वह नई घोषणाएं करने की बजाय पुरानी घोषणाओं का हिसाब जनता के समक्ष रखें। बल्यूटिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ने आज नैनीताल में जो 4 हजार 531 लाख रूपए की लागत से बनने वाली 38 योजनाओं का शिलान्यास किया है उसके लिए बजट का इंतजाम कैसे करेंगे, इसका जवाब भी उन्हें देना चाहिए। साथ ही उन्होंने जो 6070 लाख की लागत से बनी 28 योजनाओं का लोकार्पण किया उसका सोशल ऑडिट अब जनता करेगी, इसका हिसाब जनता आगामी 2022 विधानसभा चुनावों में लेगी।

अपने गिरेबां में झांके बीजेपी सरकार- बल्यूटिया

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा सरकार को अपने गिरेबां में झांकने की जरूरत है कि उन्होंने 2017 के दृष्टिपत्र में जो वादे किए थे उनमें से कितने पूरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि तब बीजेपी ने प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त शासन और स्वच्छ प्रशासन देने का वादा करते हुए 100 दिन के अंदर लोकायुक्त की नियुक्ति का दावा किया था। साथ ही सरकार बनने पर 6 महीने के भीतर सभी सरकारी विभागों में रिक्त पड़े पदों पर नियुक्ति करने का दावा किया था। उन्होंने कहा कि हालात यह हैं कि राज्य के विभिन्न सरकारी दफ्तरों में 22 हजार से अधिक पद रिक्त पड़े हुए हैं। लेकिन राज्य सरकार की इन पदों को भरने में कोई दिलचस्पी नहीं है। हैरानी की बात यह है कि उत्तराखण्ड में बेरोजगारी की दर देश के अन्य राज्यों से अधिक है।

हल्द्वानी में बनने वाले आईएसबीटी का क्या हुआ?

दीपक बल्यूटिया ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सवाल करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी हल्द्वानी की जनता आपसे सवाल पूछ रही है कि नई घोषणाएं करने से पहले यह तो बता दिजिए कि हल्द्वानी में बनने वाले आईएसबीटी का क्या हुआ?  जबकि आईएसबीटी के लिए गोलापार में भूमि चयनित कर 2700 पेड़ काट दिए गए थे और ढाई करोड़ से अधिक की राशि खर्च की गई थी। इसके अलावा रिंग रोड़, मल्टी स्टोरी पार्किंग,  मल्टी स्पेशियलटी हॉस्पिटल एवं पूर्व सैनिकों के बच्चों के लिए छात्रावास बनाने की ओर सरकार एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा पाई।

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