September 18, 2021 9:10 am
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यूपी बोर्ड के रिजल्ट घोषित, नतीजों से विद्यार्थियों में उत्साह लेकिन…

यूपी बोर्ड के रिजल्ट घोषित, नतीजों से विद्यार्थियों में उत्साह लेकिन...

लखनऊ: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के नतीजे आज घोषित हुए। बोर्ड में पास हुए छात्र-छात्राओं को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने बधाई दी। वहीं छात्र-छात्राओं में भी बोर्ड के नतीजों को लेकर उत्साह था। रिजल्ट घोषित होते ही छात्र-छात्राओं में खुशी की लहर दौड़ी। इसी के मद्देनज़र भारतखबर.कॉम ने दसवीं और 12वीं के छात्रों से बातचीत। इस बातचीत में छात्रों अपने रिजल्ट से जुड़ी कई बातों पर प्रकाश डाला, पढ़िए इस बातचीत के कुछ अंश..

बोर्ड के अनुभव से वंचित रह गई: रोहिता राजन सिंह

दसवीं में 86.2 अंक प्राप्त करने वालीं रजत ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन की रोहिता राजन सिंह का कहना है कि परीक्षा न होने का एक्सपीरियंस अच्छा नहीं रहा है। रोहिता बताती हैं, ‘पेपर्स देकर जो अंक प्राप्त होते हैं उनकी ख़ुशी ही अलग होती है। दिन-रात की पढ़ाई, स्ट्रेस और टेंशन के बाद आए अच्छे नंबरों को देखकर जो सुकून मिलता है, शब्दों में वे बयान नहीं हो सकता है। 86.2 अंक आने की ख़ुशी है लेकिन जो अनुभव दसवीं के बोर्ड में मिलता है, उस अनुभव से मैं जरूर वंचित रह गई हूं।’

रोहिता ने बताया कि ऑनलाइन क्लासेज में टीचर्स द्वारा काफी सपोर्ट मिला। उन्होंने बताया, ‘मेरे डाउटस को टीचर्स द्वारा काफी हद तक क्लियर किया गया। मैंने जितनी बार पुछा, टीचर्स ने उतनी बार बताया। अगर एग्जाम हुए होते तो शायद मेरे अंक और ज्यादा होते। मेरे अन्दर रिजल्ट को लेकर उत्सुकता थी लेकिन फिर भी कुछ अटपटा लग रहा था। अब 12वीं की परीक्षा के लिए खुद को तैयार करूंगी और ज्यादा से ज्यादा अंक प्राप्त करके माता-पिता का नाम रौशन करूंगी।’

दसवीं की मेहनत रंग लाइ: अंजलि पाल

वहीं 12वीं में 82.2 अंक प्राप्त करने वालीं अंजलि पाल (रजत स्कूल) का कहना है कि ये अंक दसवीं में की गई परफोर्मेंस पर मिले हैं। अंजलि ने कहा, ‘जो लोग कहते थे कि नंबर काम नहीं आते, आज उन्हें पता चला है कि नंबर सच में बहुत मायने रखते हैं, मैंने जो 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं में मेहनत की थी उसी को देखते हुए 12वीं में मुझे इतने अंक दिए गए। मेरी मेहनत रंग लाइ। हालांकि, 12वीं में जो सोचा था उससे कम ही है, अगर पेपर हुआ होता तो शायद मुझे इससे ज्यादा अंक मिलते।’

अंजलि बताती हैं कि भविष्य में उन्हें नीट की परीक्षा क्लियर करके डॉक्टर बनना है। अंजलि ने कहा, ‘अब आगे की राह आसान नहीं है, 12वीं में तो दसवीं की मेहनत काम आई लेकिन अब इससे ज्यादा मेहनत करना है। मुझे नीट की परीक्षा उत्तीर्ण करके डॉक्टर बनना है और मैं अपने सपने को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत करूंगी। 12वीं की बोर्ड परीक्षा का अनुभव मुझे नीट में मिलेगा। मेरे टीचर्स को मेरे धन्यवाद।’

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