प्रतापगढ़ में जहरीली शराब से हुई मौतों का आंकड़ा पहुंचा सात, शराब माफिया गिरफ्तार

प्रतापगढ़: होली के त्योहार के पहले से शुरू हुआ जहरीली शराब का धंधा अब तक खत्म नहीं हो पाया है। प्रयागराज में जहरीली शराब पीने से 15 लोगों की मौत के बाद अब प्रतापगढ़ में जहरीली शराब ने कहर ढाया है।

जहरीली शराब पीने से मंगलवार को तीन लोगों की मौत हो गई थी, वहीं अब मौतों का आंकड़ा अब बढ़कर सात हो गया है।

उदयपुर थानाक्षेत्र का है मामला

बताया जा रहा है कि मंगलवार को उदयपुर थानाक्षेत्र के कटरिया गांव में कुछ लोगों ने एक दावत में जहरीली शराब पी थी। ये दावत ग्राम प्रधानी का चुनाव लड़ रहे एक शख्स ने दी थी।

प्रतापगढ़ में जहरीली शराब से हुई मौतों का आंकड़ा पहुंचा सात, शराब माफिया गिरफ्तार

इस दावत में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए थे वहीं दावत के बाद ग्रामीणों को शराब पिलाई गई थी। इसके बाद रात के नौ बजे ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ने लगी, उन्हें सीएचसी ले जाया गया जहां पर एक युवक ने दम तोड़ दिया।

पुलिस-आबकारी विभाग में हड़कंप

वहीं रायबरेली के जिला अस्पताल ले जाए गए दो और व्यक्तियों ने दम तोड़ दिया। फिलहाल जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का आंकड़ा सात पहुंच गया है। घटना के बाद से ग्रामीणों में दुख की लहर है वहीं पुलिस और आबकारी विभाग में अफरातफरी का माहौल है। वहीं शराब जहरीली थी या मिलावटी इसका भी खुलासा नहीं हो पाया है।

आबकरी इंस्पेक्टर समेत चार निलंबित

इस प्रकरण पर कड़ा एक्शन लेते हुए प्रशासन ने आबकारी इंस्पेक्टर, एसओ समेत चार पर निलंबन की कार्रवाई कर दी है।

प्रतापगढ़ में जहरीली शराब से हुई मौतों का आंकड़ा पहुंचा सात, शराब माफिया गिरफ्तार

वहीं एसपी आकाश तोमर ने कार्रवाई करते हुए शराब माफिया डब्बू सिंह समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं शराब माफिया प्रधान राइसमील संचालक पवन सिंह फरार चल रहा है, उसे भी पुलिस गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है।

पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई 

इसके अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर के निर्देशन में हथिगवां इलाके में पुलिस ने दबिश देकर 300 पेटी अवैध शराब बरामद की है। पुलिस ने शराब माफिया गुड्डू सिंह के ठिकानों पर छापेमारी की है। वहीं कोहंडौर इलाके से पुलिस ने 700 ग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस ने छह ड्रग माफियाओं को भी गिरफ्तार किया है।

एसडीएम और सीओ पर एक्शन कब?

इस मामले में सबसे उल्लेखनीय बात ये है कि इतने बड़े कांड और इतनी मौतों के बाद अब तक प्रशासन ने लालगंज एसडीएम और सीओ पर कोई कार्रवाई नहीं की है। इन दोनों अधिकारियों पर प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल ये दोनों अधिकारी जहरीली शराब कांड मामले में कार्रवाई से बचे हुए हैं।

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