Breaking News featured उत्तराखंड

स्कूलों को आदेश- लॉकडाउन की अवधि की लें केवल ट्यूशन फीस

Minakshi Sundram स्कूलों को आदेश- लॉकडाउन की अवधि की लें केवल ट्यूशन फीस

देहरादून। उत्तराखंड में कोविड 19 की वजह से बंद स्कूलों की कुछ कक्षाओं के भौतिक रूप यानि फिज़िकल तौर से शुरू होने की तारीख से अभिभावकों को पूरी फीस भरनी होगी। इशके अलावा लॉकडाउन के वक्त की केवल ट्यूशन फीस ही ली जाएगी।

ये बड़ा आदेश राज्य शिक्षा सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने जारी किया है जिसके मुताबिक कक्षा 6 से 8, 9वीं और 11वीं तक के स्कूल लॉकडाउन (Lockdown) की अवधि तक सिर्फ ट्यूशन फीस (Tution Fee) ही ले सकेंगे।

एकमुश्त नहीं देनी होगी फीस
उत्तराखंड के शिक्षा विभाग (Uttarakhand Education Department) का ये फैसला अभिभावकों के लिए किसी राहत से कम नहीं है। स्कूल फीस बढ़ोतरी के मुद्दे पर मचे घमासान के बीच अब स्कूल स्कूल लॉकडाउन की अवधि तक सिर्फ ट्यूशन फीस ले सकेंगे।

इसके अलावा अभिभावकों को एकमुश्त फीस जमा कराने की ज़रूरत नहीं है इसके लिए भी विभाग ने रियायत दी है। अभिभावक बकाया ट्यूशन फीस को किश्तों में जमा कर सकते हैं। हालांकि इसका फैसला शिक्षण संस्थानों द्वारा ही लिया जाएगा।

ये है आदेश
शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम की ओर से शिक्षा महानिदेशक को जारी आदेश में कहा गया है कि शासन ने कक्षा छह से आठ एवं 9 से 11 की कक्षाओं को आठ फरवरी 2021 से खोलने की अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी थी।
इसलिए इन कक्षाओं के भौतिक रूप से शुरू होने की तिथि से पूरी फीस ली जाए। जबकि लॉकडाउन की अवधि की केवल ट्यूशन फीस जमा कराई जाएगी। वहीं, 10वीं और 12वीं की कक्षाएं पहले से भौतिक रूप से चल रही हैं, इसलिए उनके छात्रों से भी पूरी फीस ली जाएगी।

पहले भी जारी हुआ था आदेश
बता दें कि इससे पहले भी शासन की तरफ से फीस के मुद्दे पर आदेश जारी किए जा चुके हैं। लेकिन उसके बावजूद कुछ स्कूल प्रबंधन लगातार पैरेंट्स पर फीस के लिए दबाव बना रहे थे जिसके बाद यह मामला कोर्ट में गया।

अब शिक्षा सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने नया आदेश जारी करते हुए एक बार फिर से स्कूलों को लॉकडाउन अवधि की ट्यूशन फीस लेने के लिए ही निर्देश दिया गया है। वहीं अभिभावकों को यहां फीस को किश्तों में देने की छूट दी गई है।

Related posts

जूता कांड के बाद चर्चा में आए शरद त्रिपाठी का निधन, सीएम योगी समेत इन दिग्गजों ने प्रकट किया शोक

Shailendra Singh

चक्रवात गाजा: तमिलनाडु-दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में बिगड़ सकते हैं हालात

Rani Naqvi

पूर्णिमा के दिन ज्यादा स्नान करने से बिमार हुए प्रभु जगन्नाथ, 5 जून से किया जा रहा इलाज

Rani Naqvi