September 30, 2022 1:42 am
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अंडरवेयर में दाग: महिलाओं में वाइट डिस्चार्ज किसी बीमारी का संकेत तो नहीं

women 2 अंडरवेयर में दाग: महिलाओं में वाइट डिस्चार्ज किसी बीमारी का संकेत तो नहीं

अक्‍सर महिलाओं को योनि से सफेद (Vaginal Discharge) पानी आने यानी वाइट डिस्चार्ज की शिकायत रहती है। जिन महिलाओं का वाइट डिस्चार्ज ज्‍यादा होता है, उन्‍हें कई तरह की समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है। इसको लेकर कई महिलाओं में इसके लिए झिझक रहती है और कई काफी परेशानी भी।

vaginal discharge अंडरवेयर में दाग: महिलाओं में वाइट डिस्चार्ज किसी बीमारी का संकेत तो नहीं
Everything about vaginal discharge

हालांकि, हर महिला को वजाइना में दर्द, वजाइना में खुजली, वजाइना में सूजन जैसी तमाम समस्याओं के साथ ये समस्या होती है लेकिन व्हाइट डिस्चार्ज के बारे में वो बहुत कम बात करती है। वजाइना में इंफेक्शन की मुख्य वजहों में ये डिस्चार्ज भी माना जाता है।

वजाइना में इंफेक्शन

वजाइना में खुजली होने का मतलब होता है किसी प्रकार का इंफेक्शन होना लेकिन व्हाइट डिस्चार्च के बारे में कोई एक कारण नहीं होता है। अगर आपके वजाइना में भी खुजली बहुत ज्यादा होती है और अधिक व्हाइट डिस्चार्ज होता है, तो इसके कारण और उचार के बारे में जरूर जान लें। कुछ स्थितियों में वाइट डिस्चार्ज नॉर्मल होता है और कुछ स्थितियों में यह आपकी खराब सेहत के कारण हो सकता है। आइए, जानते हैं कब और किन स्थितियों में नॉर्मल होता है वाइट डिस्चार्ज…

वाइट डिस्चार्ज क्यों होता है

वाइट डिस्चार्ज, जिसे सफेद पानी या श्वेत प्रदर भी कहते हैं, यह एक प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया है जिसके परिणामस्वरूप योनि से स्राव होता है। यह आमतौर पर पतला और थोड़ा चिपचिपा होता है। अक्सर पीरियड से पहले या जब पीरियड अनियमित होता है, तब महिलाएं चिड़चिड़ी और तनावग्रस्त हो जाती हैं।

इसके अलावा वे सेक्स लाइफ को लेकर तनाव में रहने लगती हैं। साथ ही उनके हॉर्मोन भी असंतुलित होने लगते हैं। परिणामस्वरूप महिलाओं को व्हाइट डिस्चार्ज होने लगता है। आमतौर पर यह पानी की तरह पारदर्शी होता है।

हालांकि, कभी-कभी यह गाढ़ा, अजीब रंग का और गंधहीन भी हो जाता है, जिसे ल्यूकोरिया कहते हैं। ल्यूकोरिया या लिकोरिया औरतों को होने वाला एक रोग है, जिसे श्वेत प्रदर भी कहते हैं। इस रोग से ग्रस्त महिला की योनि से बहुत ज्यादा मात्रा में सफेद बदबूदार पानी निकलता है, जिसे वेजाइनल डिस्चार्ज कहते हैं।

कब होती है इसकी शुरुआत

वजाइनल व सेक्सुअल हेल्थ के लिए वजाइना से व्हाइट डिस्चार्ज होना बेहद जरूरी भी है। वजाइना से वाइट डिस्चार्ज होना एक सामान्य बात है लेकिन यह जब बहुत अधिक होने लगता है तो इसके बारे में जरूर सोचना चाहिए। वजाइना से व्हाइट डिस्चार्ज अधिक होने का मुख्य कारण इंफेक्शन या किसी बीमारी के पहले का संकेत माना जाता है। वजाइना में खुजली के साथ व्हाइट डिस्चार्ज हो रहा है तो यह किसी बीमारी का संकेत हो सकता है।

सफेद पानी या ल्यूकोरिया के लक्षण

महिलाओं में सफेद पानी की समस्या होना आम बात है। वैसे तो इससे डरने की काई ज़रूरत नहीं है, लेकिन ये कैसे पता चलेगा कि वैजाइनल डिस्चार्ज की वजह से अब आपको डॉक्टर की सलाह की जरूरत है। अगर आपको यहां बताए गए कुछ लक्षण अपने केस में नज़र आ रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेने में जरा भी देर न करें।

  • अगर बार-बार बुखार होता है और तापमान काफी बढ़ जाता है।
  • अगर पेट में कभी-कभी असहनीय दर्द होता है।
  • बहुत मेहनत न करने के बावजूद आपको थकान ज्यादा हो जाती है।
    अगर बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता है।
  • सफेद और गाढ़ा योनिस्त्राव यानि कि वाइट डिस्चार्ज होना।
  • अगर आपका वजन अचानक बिना किसी कारण कम होने लगे।
  • यदि दो पीरियड्स के बीच इंटरकोर्स के दौरान दर्द होता है और वैजाइना से रक्तस्राव होता है।
  • अगर वैजाइना हमेशा गीली रहती है और उसमें खुजली महसूस होती है।
  • इंटरकोर्स के दौरान योनि में दर्द या जलन होना।
  • वजाइना से अत्यधिक बदबू का आना।
वाइट डिस्चार्ज के कारण

वैसे यह योनि से सफेद पानी का आना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। लेकिन जब ये पानी गाढ़ा व बदबूदार होने लगे तो सफेद पानी की समस्या को इग्नोर करना सही नहीं है। तो आइए जानते हैं इनके बारे में –
बैक्टीरियल इन्फेक्शन

बैक्टीरियल इन्फेक्शन इसका एक बड़ा कारण है। महिलाओं में वैजाइनल इन्फेक्शन के कई कारण होते हैं। जैसे- असुरक्षित सेक्स, यूरिन के लिए पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल, स्वच्छता की कमी, एनल इन्फेक्शन (गुदा संक्रमण) आदि। इन सभी कारणों से वैजाइनल डिस्चार्ज या ल्यूकोरिया (safed pani aana) जैसी समस्या होती है।

एंटीबायोटिक्स का ज्यादा सेवन

कई महिलाएं अलग-अलग बीमारियों के लिए अलग-अलग एंटीबायोटिक्स खाने को मजबूर होती हैं। एंटीबायोटिक्स का ज्यादा सेवन हॉर्मोन्स पर कई तरह के असर डाल सकता है और वजाइनल डिस्चार्ज का कारण भी बन सकता है।

गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन

कई महिलाएं खुद को अनचाही प्रेगनेंसी से बचाने के लिए रोज़ गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती हैं। नियमित रूप से इस गोली को खाने से हॉर्मोन असंतुलित होने लगते हैं और कई तरह की शारीरिक समस्याएं भी हो जाती हैं, जैसे कि बेहोशी। इससे भी सफेद पानी की समस्या हो सकती है।

ल्यूकोरिया का इलाज

ऐंटीमाइक्रोबियल दवाइयों के कोर्स से ल्यूकोरिया का इलाज हो सकता है। अगर किसी तरह का असामान्य योनि स्त्राव हो रहा हो तो उसका इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि आखिर इंफेक्शन किस तरह का है। कैन्डिडा इंफेक्शन के मामले में एंटीफंगल दवाइयां दी जाती हैं। बैक्टीरियल वजाइनोसिस की समस्या में किसी तरह के इलाज की जरूरत नहीं होती।

जहां तक संभव हो एक ही सेक्शुअल पार्टनर रखें और सेक्स के दौरान लेटेक्स कॉन्डम का इस्तेमाल करें।

इसके आलावा जीवन शैली कुछ इस प्रकार रखें –
  • संतुलित आहार खाएं।
  • विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए रोजाना 10 से 12 गिलास पानी पिएं
  • चलने, जॉगिंग, योग, ध्यान जैसे हल्के व्यायाम करें क्योंकि हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज से ल्यूकोरिया बढ़ सकता है।
  • एक समय में एक से ज्यादा यौन साथी न बनाएं।
  • लेटेक्स कंडोम का उपयोग करें।

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