kk aggarwal 2 कोरोना होने के बावजूद बचा रहे थे अन्य मरीजों की जान, ले चुके थे वैक्सीन की दोनों डोज

IMA के पूर्व प्रेसिडेंट और पद्मश्री डॉक्टर केके अग्रवाल का बीती रात 11.30 बजे निधन हो गया। जिसके बाद से हर किसी के दिल में उनके खोने का गम है। कोरोना संक्रमित होने के बावजूद जिस तरह से उन्होने लोगों को लगातार कोरोना से बचने के इलाज बताए वो अपने आप में सराहनीय हैं।

इस वीडियो को देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि कैसे कोरोना संक्रमित होने के बावजूद केके अग्रवाल नाक में ऑक्सीजन ट्यूब लगाए मरीजों की सेवा में जुटे हैं। ना सिर्फ वो लोगों को लगातार दवाई और उसको लेने की मात्रा को समझाते थे बल्कि जल्द ठीक होने के सुझाव भी दिया करते थे। वो बिना किसी लालच के कोरोना के इस काल में लोगों के मुफ्त इलाज में जुटे रहे, और आखिरकार लोगों की सेवा करते करते हम सबको छोड़कर चले गए।

दोनों डोज लेने के बाद भी हुई मौत

डॉ. केके अग्रवाल ने कोरोना की दोनों डोज ली थी, बावजूद उसके उनका कोरोना से निधन हो गया। विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी कई वजहें हो सकती हैं, जिनसे टीकाकरण के बाद भी ऐसा हो सकता है। उनके मुताबिक हाल-फिलहाल में वैक्‍सीन लगवा चुके लोगों की जो मौतें हुई हैं उनकी पिछले साल से तुलना करें तो ये बात तो साफ है कि इस साल मृतकों की संख्‍या कम है। फेज 3 ट्रायल्‍स में डेथ रेट 0% माना गया था लेकिन जमीन पर हालात अलग नजर आ रहे हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं। जिनकी मौत हुई उनमें पर्याप्‍त ऐंटीबॉडीज न बनीं हो या फिर इन स्‍ट्रेन्‍स के खिलाफ वैक्‍सीन असरदार न हो।

उत्तर प्रदेश के साथ-साथ यहां की जेलों में भी कम हो गए कोरोना के मरीज

Previous article

कोरोना काल में ‘इम्यूनिटी बूस्टर’ को समझें, हल्द्वानी वन अनुसंधान केंद्र कर रहा है काम

Next article

You may also like

Comments

Comments are closed.

More in featured