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स्वछता सर्वेक्षण 2020 में सबसे स्वच्छ शहर बना इंदौर

इंदौर

स्वछता सर्वेक्षण 2020 में इंदौर सफाई में नंबर 1 रहा है। इस बार इंदौर ने लगातार चौथी बार यह खिताब अपने नाम किया है। 2016 से शुरू हुए स्वछता सर्वेक्षण के पांचवें साल 2020 में सबसे कठिन मुकाबले के बावजूद इंदौर देश में अव्वल रहा है। गुरुवार को स्वछता सर्वेक्षण 2020 का रिजल्ट घोषित किया गया। इसको लेकर इंदौर वासियों को भी बड़ी उम्मीदें थी और इंदौर शहर इंदौर वासियों की सभी उम्मीदों पर खरा उतरा है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसकी घोषणा करते इंदौर के सम्मान में खड़े होकर तालियां बजाई और कहा कि इस बार सबसे ज्यादा चुनौतियां थीं, फिर भी इस बार इंदौर ने बाजी मार ली। उन्होंने इंदौर में हुई थ्री आर कॉन्फ्रेंस का किस्सा सुनाते हुए कहा कि मेरा काउंटर पार्ट जापान का एक व्यक्ति था। मुझे भी थोड़ी जापानी आती है तो मैंने उससे पूछा कि इंदौर में क्या देखा तो बताया कि मैं गंदगी ढूंढने के लिए शहर घूमा था, लेकिन गंदगी नहीं मिली। इससे बड़ी तारीफ किसी शहर के लिए कोई नहीं हो सकती। भोपाल में ऑनलाइन कार्यक्रम के जरिये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ पूर्व महापौर मालिनी गौड़, कलेक्टर मनीष सिंह, और निगमायुक्त प्रतिभा पाल मौजूद रही।

दूसरे नंबर पर रहा सूरत

स्वछता सर्वे में दूसरे नंबर पर सूरत रहा और तीसरे नंबर पर नवी मुंबई रहा। भोपाल दो साल लगातार दूसरे नंबर पर रहा और पिछली बार 19वें नंबर पर पहुंच गया था। इस बार भोपाल 7वें नंबर पर रहा है।इसके साथ ही जबलपुर और ग्वालियर भी टॉप-20 में आए हैं। इस बार नंबर 1 की स्पर्धा में कड़ी टक्कर रही. स्वछता सर्वे में इंदौर को कुल 6000 में से 5647.56 अंक मिले। वहीं सूरत को 5519.59 और नवी मुंबई को 5467.89 अंक मिले है। इंदौर को चार क्वार्टर में हुए सर्वेक्षण में हमें सबसे ज्यादा 1500 में से 1416 अंक लोगों के फीडबैक से मिले। यही 95% इंदौर की जीत का सबसे बड़ा कारण बना। सर्वे टीम ने भी इंदौर को पूरे 1500 अंक दिए। इंदौर का लीग में भी सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा।

चुनौतियों के चलते इंदौर ने मारी बाजी

2016 में 73 शहरों से शुरू हुआ स्वछता सर्वेक्षण, 2020 में 4242 शहरों तक पहुंचा। इसमें 62 कंटोनमेंट बोर्ड और 97 गंगा किनारे बसे शहरों को भी रखा गया । इस सर्वेक्षण में सिटीजन फीडबैक भी लिया गया, जिसमे 1.87 करोड़ से ज्यादा लोगों की राय ली गई। 2016 में सर्वेक्षण के अंक 2000 थे, जो 2020 में 6000 हो गए। इस बार बहुत साडी चुनौतियां थी, जिसमे सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक, सभी के लिए टॉयलेट, वेस्ट पिकर्स का उद्धार, सूखे कचरे को प्रोसेस कर निपटान, गीले कचरे को प्रोसेस करना, गंदे पानी को ट्रीट कर उपयोग में लाना इन् सभ पर इंदौर ने बजी मारी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दी बधाई

इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दी बधाई दी उन्होंने कहा कि इंदौर ने देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है। इंदौर ने देश के 4242 शहरों को पीछे छोड़कर इतिहास रचा है। मध्य प्रदेश ने भी एक छलांग लगाकर देश के सबसे साफ राज्य में तीसरा स्थान पाया है।

उन्होंने कहा कि हमने सभी को सिखाया और वे हमारे बराबर खड़े हो गए, इसलिए इंदौर के लिए हैट्रिक लगाने से भी ज्यादा कठिन चौका लगाना था। ऐसा इसलिए क्योंकि जब शासन ने इंदौर को स्वच्छता का एक इंस्टिट्यूशन बना दिया तो दूसरे शहरों के दल हमारे यहां की व्यवस्था देखने आने लगे यहाँ से सीखकर गए। इससे हमारा इनफ्रास्ट्रक्चर, तरीके और पैटर्न दूसरे शहरों ने भी पूरी तरह अपने क्षेत्रों में लागू कर दिए। इससे हमारे लिए नंबर- 1 के खिताब को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण बन गया । इससे पहले स्वच्छता सर्वेक्षण साल में एक बार होता था। इस बार तीन क्वार्टर में लीग चली। इसके साथ ही इस बार सिटीजन फीडबैक का बड़ा रोल हो गया।

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