पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर लगाम कसने को लेकर सरकार ने नहीं लिया कोई फैसला

नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर लगाम कसने को लेकर सरकार ने बीते बुधवार को तो कोई फैसला नहीं लिया, लेकिन रेट में इजाफा पहले की तरह जारी है। गुरुवार को एक बार फिर से पेट्रोल की कीमत देश भर में 30 पैसे और बढ़ गई, जबकि डीजल भी 19 पैसे और महंगा हो गया। इस इजाफे के साथ ही दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 77.47 रुपये प्रति लीटर और डीजल का दाम 68.53 रुपये हो गया है। यह भारत में पेट्रोल के इतिहास में सबसे अधिक कीमत है। इस इजाफे के साथ ही मुंबई में अब पेट्रोल की कीमत 85.29 रुपये हो गई है। बता दें कि दिल्ली और मुंबई के बीच आमतौर पर पेट्रोल की कीमत में 6 से 7 रुपये तक का अंतर रहता है।

बता दें कि कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 29 पैसे की बढ़त के साथ 80.12 रुपये और डीजल की कीमत 71.08 के स्तर पर पहुंच गई है। चेन्नै में पेट्रोल की कीमत 31 पैसे के इजाफे के साथ 80.42 पर चल रही है, जबकि डीजल की कीमत 72.35 के स्तर पर है। भोपाल में पेट्रोल 30 पैसे की बढ़त के साथ 83.08 के स्तर पर बिक रहा है, जबकि डीजल 72.13 रुपये लीटर में बिक रहा है। कर्नाटक चुनाव के दौरान 20 दिन तक कीमत स्थिर रहने के बाद 14 मई से अब तक यानी बीते 10 दिनों में पेट्रोल की कीमत में 2.84 रुपये का इजाफा हो चुका है।

गौरतलब है कि बुधवार को कैबिनेट मीटिंग से पहले इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि सरकार की ओर से उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल पर कुछ राहत दी जा सकती है। लेकिन, कैबिनेट मीटिंग के बाद केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ‘ईंधन के दाम में लगातार होने वाली वृद्धि चिंता और बहस का विषय है। सरकार इस समूची प्रक्रिया पर गौर कर रही है। दाम में वृद्धि और इनको लेकर बनी अनिश्चितता के हर पहलू पर नजर है।

वहीं मोदी सरकार के राज में ही बदला था कीमत में इजाफे का नियम के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने पिछले साल जून में हर पखवाड़े पेट्रोल, डीजल के दाम में संशोधन की 15 साल पुरानी व्यवस्था को समाप्त कर अंतरराष्ट्रीय बाजार की घटबढ़ के अनुरूप हर दिन दाम में फेरबदल की शुरुआत की थी। इंटरनैशनल मार्केट में क्रूड की कीमत कम रहने तक तो इस व्यवस्था को लेकर कोई असंतोष नहीं था, लेकिन हाल के कुछ महीनों में दाम तेजी से बढ़ने के बाद से लोगों में नाराजगी है।