September 24, 2022 10:39 pm
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कोरोना वायरस की रोकथाम, के लिए राज्य के मंत्रीगणों एवं राज्यमंत्रियों को उत्तराखण्ड के जनपदों का प्रभारी नियुक्त किया गया

uttrakhand corona कोरोना वायरस की रोकथाम, के लिए राज्य के मंत्रीगणों एवं राज्यमंत्रियों को उत्तराखण्ड के जनपदों का प्रभारी नियुक्त किया गया

देहरादून। कोरोना वायरस (COVID-19) की रोकथाम, प्रभावी नियंत्रण एवं अनुश्रवण हेतु राज्य के मंत्रीगणों एवं राज्यमंत्रियों को उत्तराखण्ड के जनपदों का प्रभारी नियुक्त किया गया है। इस क्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज को हरिद्वार, सुबोध उनियाल को टिहरी व उत्तरकाशी, डॉ हरक सिंह रावत को पौड़ी, अरविन्द पाण्डेय को चम्पावत व पिथौरागढ़, यशपाल आर्य को अल्मोड़ा व नैनीताल एवं मदन कौशिक को देहरादून व उधमसिंह नगर, राज्यमंत्री डॉ धनसिंह रावत को रुद्रप्रयाग व चमोली एवं रेखा आर्या को बागेश्वर का प्रभारी नियुक्त किया गया है।

राज्य में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के 5 पुष्ट मामले आ चुके हैं, जिनमें से एक का इलाज हो चुका है। राज्य के विभिन्न जिलों में कोरोनावायरस बीमारी से मिलते जुलते लक्षणों के चलते कई लोगों को क्वॉरेंटाइन कर उनकी जांच की जा रही है। राज्य सरकार की ओर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार राज्य में इस वक्त कुल 211 लोग होम क्वॉरेंटाइन में हैं, 65 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं जिनमें से 53 लोगों में कोरोनावायरस नहीं है बल्कि 12 लोगों की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। दूर-दराज के जिलों की अगर बात करें तो अल्मोड़ा में 9, नैनीताल में 14, बागेश्वर में 17, पिथौरागढ़ में तीन जबकि पौड़ी, चंपावत और चमोली में एक-एक व्यक्ति को होम क्वॉरेंटाइन में रखा गया है।

वहीं नैनीताल के मल्लीताल पर्यटक आवास गृह में 5 लोगों को कोरेंटिन किया गया है, जबकि सुशीला तिवारी हॉस्पिटल हल्द्वानी में दो और बेस अस्पताल में 3 लोगों को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। आपको बता दें कि जो लोग बाहर से आते हैं या संक्रमित लोगों के संक्रमण में रह कर आते हैं उन्हें 14 दिन के लिए क्वॉरेंटाइन किया जाता है, ऐसे व्यक्तियों में अगर कोरोना वायरस के लक्षण दिखें तो उनके सैंपल को जांच के लिए भेजा जाता है।

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