January 28, 2022 5:49 pm
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सीएम योगी के बयान से जागी कर्मचारियों की उम्मीद

सीएम सीएम योगी के बयान से जागी कर्मचारियों की उम्मीद

लखनऊ। पंचायत चुनावों में ड्यूटी के बाद कोरोना की वजह से हुई मौतों का मामला तूल पकड़ चुका है। सरकारी आंकड़ों में मात्र तीन मौतों का जिक्र होने के बाद कर्मचारी संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम योगी खुद आगे आए हैं और उन्होंने मृतकों के परिवारों को न्याय का भरोसा दिलाया है।

सीएम योगी ने गुरूवार को कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार कर्मचारियों के साथ खड़ी है। जिन कर्मचारियों की मौतें हुईं हैं सरकार उनको न्याय देगी। सीएम ने कहा कि चुनावी ड्यूटी में जिन शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रोजगार सेवकों, पुलिसकर्मियों की मृत्यु हुई है वह बहुत दुखद है।

गाइडलाइन पुरानी होने से कन्फ्यूजन

आंकड़ों और मुआवजे के लिए चुनाव आयोग की गाइडलाइन पर विवाद खड़ा हो गया है। इसको लेकर संगठनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। स्थिति को भांपते हुए सीएम योगी ने डैमेज कंट्रोल करते हुए कहा है कि चुनाव आयोग की गाइडलाइन पुरानी थी। जब यह दिशा-निर्देश बने थे तब कोरोना नहीं था। इस कारण ही कन्फ्यूजन की स्थिति पैदा हुई है।

नए सिरे से होगा विचार

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि गाइडलाइन को सुधारे जाने की आवश्यकता है। इस संबंध में नए सिरे से सहानुभूति पूर्वक विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसी भी कर्मचारी या नागरिक का अहित नहीं होने देगी। हम जनता के साथ हमेशा खड़े हैं। जनता की मांगों को पूरा करेंगे।

चुनाव आयोग की गाइडलाइन पर ही सरकार मुआवजा व नौकरी देती है

हालांकि सीएम ने यह भी कहा कि कोई भी सरकार चुनाव के दौरान होने वाली घटनाओं का संज्ञान चुनाव आयोग की जारी गाइडलाइन के अनुसार ही लेती है। ऐसे में यह मामला भी चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार ही होना है। तभी हम मुआवजा और परिवार के किसी सदस्य को नौकरी देंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया है कि किसी भी मृतक परिवार के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

मांगी आख्या, गाइडलाइन में संशोधन की मांग

सीएम योगी आदित्यनाथ ने वर्तमान परिस्थितियों के परिपेक्ष्य में चुनाव आयोग से आख्या मांगा है। ताकि, हो रही गड़बड़ियों में सुधार किया जाए। वहीं मुख्य सचिव और पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव को कहा है कि निर्वाचन आयोग से अपील करें कि अपनी गाइडलाइन में सुधार करें। साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को एक निश्चित समय सीमा में संक्रमण होने, निधन होने की स्थिति में भी सम्मिलित करने पर विचार किया जाना चाहिए।

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