राजस्थानः औद्योगिक संघों से कायम होगा सीधा संवाद-उद्योग मंत्री

राजस्थानः औद्योगिक संघों से कायम होगा सीधा संवाद-उद्योग मंत्री

उद्योग व राजकीय उपक्रम मंत्री परसादी लाल मीणा ने प्रदेश में तेजी से औद्योगिक विकास और बेहतर औद्योगिक माहौल तैयार करने के लिए औद्योगिक सलाहकार समिति बनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सलाहकार समिति में इस क्षेत्र से जुड़े लोगों का व्यापक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा।

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मीणा शनिवार को एंपलायर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के 54 वें स्थापना दिवस पर आयोजित ‘बेस्ट एंपलायर ऑफ द ईयर’ पुरस्कार वितरण समारोह को मुख्य अतिथि के रुप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित किया और विभिन्न श्रेणियों में 27 उद्यमों, प्रतिष्ठानों को पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक सलाहकार समिति की प्रतिमाह बैठक आयोजित की जाएगी और औद्योगिक परिसंघों से सीधा संवाद कायम किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में तेजी से औद्योगिकरण करने और उद्योगों से संबंधित समस्याओं का निस्तारण और प्रक्रिया को आसान बनाना है।

मीणा ने कहा कि प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने वाली, औद्योगिक विकास को गति देने वाली, कारोबारियों के लिए प्रक्रिया के सरलीकरण और अधिक से अधिक रोजगारपरक नई उद्योग नीति बनाई जाएगी। इसके लिए तेलंगाना, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात सहित अन्य प्रदेशों की औद्योगिक नीति का अध्ययन करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टाइमबाउंड निर्णय की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए सिंगल विण्डों सिस्टम को धरातल पर लाया जाएगा। सिंगल विण्डो सिस्टम से एक ही जगह पर समयवद्ध सुविधाएं व जानकारी मिल सकेगी।

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उद्योग आयुक्त डॉ. कृष्णाकांत पाठक ने बताया कि प्रदेश की जीडीपी में उद्योग क्षेत्र की एक चौथाई भागीदारी है। उन्होंने बताया कि विभाग ने प्रक्रिया के सरलीकरण की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। प्रदेश में नई उद्योग नीति, निवेश नीति और निर्यात नीति तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि उद्योग रुपातंरण का काम करता है।

डॉ.पाठक ने प्रदेश के उद्योगों से सीएसआर गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निबाहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से उद्योग सामाजिक दायित्वों की पूर्ति कर सकते है। उन्होंने बताया कि सीएसआर पोर्टल पर एक सौ से अधिक कंपनियां रजिस्टर्ड है। पोर्टल पर स्वतः ही रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध है।