cm kajriwal 10 जून से दिल्ली सरकार घटाएगी शराब के रेट, 4 मई को बढ़ाए थी कीमत

शराब पर अधिकतर खुदरा मूल्य पर लगाई गई 70% स्पेशल कोरोना फीस को दिल्ली सरकार ने वापस लेने का फैसला लिया है। इस फैसले पर अमल 10 जून से किया जाएगा।

नई दिल्ली। शराब पर अधिकतर खुदरा मूल्य पर लगाई गई 70% स्पेशल कोरोना फीस को दिल्ली सरकार ने वापस लेने का फैसला लिया है। इस फैसले पर अमल 10 जून से किया जाएगा। दरअसल 4 मई को लॉकडाउन का तीसरा चरण शुरू होने के बाद ही दिल्ली सरकार ने 150 शराब के ठेको को खोलने की इजाजत दे दी गई थी। इसके साथ ही अगले दिन शराब पर 70 फीसदी कोरोना फीस लगा दी गई थी।

बता दें कि दिल्ली में 863 शराब की दुकानें हैं जिनमें से 475 दुकानें चार सरकारी निगमों – दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, दिल्ली टूरिज्म एंड ट्रांसपोर्टेशन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, दिल्ली स्टेट सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन और दिल्ली कंज्यूमर कोऑपरेटिव होलसेल स्टोर द्वारा संचालित हैं, जबकि 389 दुकानें निजी व्यक्तियों के स्वामित्व में हैं। इन 389 निजी दुकानों में से, लगभग 150 शॉपिंग मॉल में स्थित हैं।

दिल्ली सरकार को 30 मई तक शराब बिक्री से 235 करोड़ रुपये मिले

दिल्ली सरकार को उम्मीद थी कि शराब बिक्री से उसे अधिक राजस्व प्राप्त होगा, लेकिन चार मई से 30 मई तक वह नए कोरोना शुल्क को छोड़कर मात्र लगभग 235 करोड़ रुपये ही जुटा पाई है। लॉकडाउन का तीसरा चरण शुरू होने के साथ ही दिल्ली में चार मई से शराब बिक्री की अनुमति दी गई थी। इसके पहले लॉकडाउन शुरू होने के साथ ही 25 मार्च से शराब बिक्री बंद थी। आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पहले दिन पांच करोड़ रुपये की शराब बिकी थी, जब विशेष सेस लागू नहीं था, लेकिन शराब बिक्री की अनुमति देने के एक दिन बाद यानी पांच मई से दिल्ली सरकार ने शराब बिक्री पर स्पेशल कोरोना फीस लगा दी, जो एमआरपी की 70 प्रतिशत थी।

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इसके बाद दूसरे दिन सेस को छोड़कर लगभग 4.4 करोड़ रुपये की बिक्री हुई, जबकि छह मई को 4.9 करोड़ रुपये की बिक्री हुई। उसके बाद आठ और नौ मई को क्रमश: 15 करोड़ और 18 करोड़ रुपये की बिक्री हुई। इस बिक्री राशि में कोरोना शुल्क शामिल नहीं है और यह महीने के दौरान दिनभर की सर्वाधिक बिक्री है। सरकार ने 30 मई तक 234.54 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री की और स्पेशल कोरोना फीस के रूप में लगभग 160 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्राप्त हुए। इस दौरान सात मई और 25 मई को दो ड्राई डे थे।

arvind kajriwal 10 जून से दिल्ली सरकार घटाएगी शराब के रेट, 4 मई को बढ़ाए थी कीमत

2020-21 के बजट में कर राजस्व में सरकार की कुल उम्मीद का 14 प्रतिशत यानी 6,300 करोड़ रुपये राज्य आबकारी से था, लेकिन पहली अप्रैल से शुरू हुए नए वित्त वर्ष में कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन के चलते तीन मई तक कोई बिक्री नहीं हुई। चार सरकारी निगम -दिल्ली टूरिज्म एंड ट्रांसपोर्टेशन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, दिल्ली स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन, लिमिटेड, और दिल्ली कंज्यूमर्स को-ऑपरेटिव होलसेल स्टोर- लगभग 475 दुकानों के जरिए शराब बिक्री को नियंत्रित करते हैं।

कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन के चलते हुए राजस्व नुकसान के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने 31 मई को केंद्र सरकार से 5,000 करोड़ रुपये की मांग की थी। दिल्ली के वित्तमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था कि सरकार का न्यूनतम मासिक व्यय 3,500 करोड़ रुपये है, जिसमें वेतन भी शामिल है।

सिसोदिया ने कहा था कि पिछले दो महीनों में हर महीने 5०० करोड़ रुपये का कर संग्रह हुआ। अन्य स्रोतों से 1,735 करोड़ रुपये संग्रह हुए, लेकिन दो महीनों के लिए हमें 7,000 करोड़ रुपये की जरूरत है।  मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तीन मई को कहा कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस साल अप्रैल में 3,200 करोड़ रुपये राजस्व का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा था कि लॉकडाउन के कारण सरकार को अपने कर्मचारियों को वेतन भुगतान में भी दिक्कत आ रही है।

Rani Naqvi
Rani Naqvi is a Journalist and Working with www.bharatkhabar.com, She is dedicated to Digital Media and working for real journalism.

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