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Exclusive:राजधानी में अब कोविड मरीजों के इलाज पर भी संकट गहराया

covid 2 Exclusive:राजधानी में अब कोविड मरीजों के इलाज पर भी संकट गहराया

लखनऊ। राजधानी में अब कोविड मरीजों के इलाज में लगे डाॅक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ का भी संकट गहराने लगा है। कोविड वार्ड में डयूटी करने व अन्य वजह से भी डाॅक्टर व स्टाॅफ लगातार पाॅजिटिव आए हैं। इससे सरकारी व निजी संस्थानों में कोविड वार्ड में डयूटी के लिए स्टाॅफ नहीं मिल रहा है।

ऐसी स्थिति में सरकारी संस्थानों में गैर जनपद से डाॅक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ बुला लिया गया है। वहीं निजी कोविड संस्थानों ने कोविड डयूटी के लिए डाॅक्टरों की भर्ती भी शुरू कर दी है ताकि कोविड मरीजों का इलाज हो सके।

कोविड वार्ड में डयूटी करने वाले डाॅक्टर व स्टाॅफ लगातार हो रहे पाॅजिटिव

बलरामपुर कोविड अस्पताल बने करीब 20 दिन से अधिक समय हो चुका है। यहां पर 300 बेड पर मरीजों की भर्ती की जा रही है। कोविड डयूटी करने वाले डाॅक्टर संग उनके संपर्क में आए करीब 40 से अधिक डाॅक्टर व 100 से अधिक स्टाफ संक्रमित हो चुका है। ऐसे में डाॅक्टरों की कमी हो गई थी। इसे देखते हुए यहां पर गैर जनपद से पांच डाॅक्टर भेजे गए हैं। जिनकी सेवाएं ली जा रही है। हालांकि अभी अन्य डाॅक्टर व स्टाफ की मांग की गई है।

उधर, लोकबंधु कोविड अस्पताल में आठ डाॅक्टर समेत 50 लोग संक्रमित हो चुके हैं। यहां पर कोविड मरीजों की जांच के लिए महज लैब टेक्नीशियन व एक ही रेडियोलाॅजी विभाग में कर्मचारी बचा है। ऐसे में किसी तरह काम चलाया जा रहा है। अस्पताल में डाॅक्टर कोविड डयूटी कम होने की वजह से यहां पर आस पास जिले से चार डाॅक्टर की टीम भेजी गई है। जिनके जरिए कोविड मरीजों का इलाज किसी तरह चल रहा है।

लोहिया संस्थान में 40 प्रतिशत से अधिक स्टाफ संक्रमित हुआ

लोहिया संस्थान में कोविड डयूटी करने वाले समेत अन्य डाॅक्टर व स्टाफ मिलाकर करीब 40 प्रतिशत से अधिक लोग पाॅजिटिव हो चुके हैं। इसमें करीब 50 से अधिक फैकल्टी, रेजीडेट भी शामिल हैं। डाॅक्टर व स्टाॅफ का संकट यहां भी खडा होता जा रहा है।

केजीएमयू में 600 कर्मचारी, डीन समेत आठ की मौत

केजीएमयू में कोरोना की दूसरी लहर में करीब 600 से अधिक स्टाॅफ संक्रमित हो चुका है। जबकि छह कर्मचारी जान गंवा चुके हैं। इसी तरह एक फैकल्टी डाॅक्टर, रेजीडेंट की भी जान जा चुकी है। केजीएमयू प्रशासन ने किसी तरह दूसरे विभाग से डाॅक्टर व स्टाफ को बुलाकर उनकी सेवाएं ले रहा है ताकि कोरोना मरीजों का इलाज बाधित न होने पाए। इसे लेकर कुलसचिव के नंबर पर कई दफा काल की गई मगर उनका फोन न उठा।

इंटीग्रल हाॅस्पिटल में 50 से अधिक संक्रमित, एक डाॅक्टर की मौत

इंटीगे्रल हाॅस्पिटल में करीब 50 स्टाॅफ संक्रमित हो चुका है। इसमें एक डाॅक्टर की मौत दो दिन पहले हुई है। जबकि दो डाॅक्टर अभी भी गंभीर हालत में भर्ती है। इसके अलावा डीन, कुलपति समेत 50 से अधिक लोग पाॅजिटिव होने पर भर्ती होकर अपना इलाज करवा रहे हैं।

निजी मेडिकल काॅलेज में कम पडा स्टाॅफ तो भर्ती की शुरू

निजी मेडिकल काॅलेज कैरियर हाॅस्पिटल में डाॅक्टर व स्टाॅफ मिलाकर बडी तादाद में लोग संक्रमित हो चुके हैं। ऐसे में यहां भर्ती होने वाले कोविड मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा था। इसे देखते हुए यहां पर रेजीडेंट की भर्ती निकाली गई। इसमें पहले बैच में 31 लोगों को भर्ती भी किया गया।

जिनकी सेवाएं कोविड में ली जाना शुरू की गई है। इसी तरह आलमबाग के कारपोर्रेट हाॅस्पिटल में कोविड वार्ड में डयूटी के लिए विज्ञापन निकाला गया है। वहां पर भी स्टाफ का संकट खडा हुआ है। हालांकि वेतन कम होने की वजह सेे यहां पर डाॅक्टर अपनी सेवाएं देने को जल्द राजी नहीं हो रहे हैं।

जिम्मेदार बोले-

अस्पताल का आधा स्टाॅफ संक्रमित हो चुका है। ऐसे में डाॅक्टर व स्टाॅफ की कमी बनी हुई है। कुछ डाॅक्टर अभी मिले हैं और स्टाॅफ की मांग की गई है।
लोकबंधु चिकित्सा अधीक्षक, डाॅ अजय शंकर त्रिपाठी

अस्पताल में बहुत से डाॅक्टर व स्टाफ संक्रमित हुआ है। बताया कोविड डयूटी के लिए बाहर जिले से डाॅक्टर आए हैं।
बलरामपुर चिकित्सा अधीक्षक, डा हिमांशु

संस्थान का करीब 40 प्रतिशत स्टाफ संक्रमित हो चुका है। इसमे डाॅक्टर व पैरामेडिकल स्टाॅफ शामिल है। संकट तो बना हुआ है मगर किसी तरह सेवाएं ली जा रही है।
डाॅ ़़ऋषिकेश प्रवक्ता, लोहिया संस्थान

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