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लखनऊः …तो इसलिए दर्ज हुआ ICMR, WHO समेत सीरम कंपनी के मालिक पर मुकदमा

लखनऊः ...तो इसलिए दर्ज हुआ ICMR, WHO समेत सीरम कंपनी के मालिक पर मुकदमा

लखनऊ: कोरोना को हराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार लगातार वैक्सीनेशन के लिए लोगों में जागरूकता फैलाने की हर संभव कोशिश में लगी हुई है। इस बीच राजधानी लखनऊ में सीरम इंस्टिट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला के खिलाफ कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी गई है। अर्जी में बताया गया है कि कोविशील्ड की वैक्सीन लगवाने के बावजूद ऐंटीबॉडी नहीं बन रही है, बल्कि प्लेटलेट्स घट गई है, जिससे संक्रमण का खतरा अधिक हो गया है।

वहीं, इस पूरे मामले में संबंधित थाने से पूरी रिपोर्ट लेकर कोर्ट 2 जुलाई को सुनवाई करेगा। बता दें कि अपील दायर करने वाले शख्स ने पहने थाने में केस दर्ज कराने के लिए गया था, लेकिन थाने में केस नहीं दर्ज होने पर शख्स ने वकील की मदद से कोर्ट का रुख किया। कोर्ट ने मामले को संज्ञान में लेते हुए 156-3 के तहत सीरम कंपनी के मालिक अदार पूनावाला, ड्रग कंट्रोल डायरेक्टर, स्वास्थ्य सचिव, ICMR और WHO के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।

8 अप्रैल को ली थी कोविशील्ड की पहली खुराक

लखनऊ कैंट थाना क्षेत्र के रहने वाले प्रतापचंद्र नाम के एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि उसने 8 अप्रैल को कोविशील्ड की पहली खुराक ली थी, दूसरी खुराक की तारीख 28 दिन बाद की थी, जो 6 हफ्ते के लिए और बढ़ा दी गई।

25 मई को करवाया टीबॉडी टेस्ट

प्रतापचंद्र ने अपनी तहरीर में ICMR के डायरेक्टर के एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि कोविडशील्ड वैक्सीन के पहले डोज के बाद शरीर में अच्छे लेवल की ऐंटीबॉडी बन जाती है। पहली डोज लगने के डेढ़ महीने बाद यानी 25 मई को जब प्रतापचंद्र कोविड ऐंटी बॉडी का टेस्ट कराया गया। 2 दिन बाद सामने आई रिपोर्ट में पता चला कि शरीर में ऐंटीबॉडी नहीं बनी है और साथ ही प्लेटलेट्स में भी 50 फीसदी की कमी आ गई है।

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