क्यो हैं उत्तराखंड सबसे बेहतरीन पर्यटन स्थल

नई दिल्ली। उत्तराखंड भारत की खूबसूरत जगहों में से एक हैं जो पहाड़ी से घिरा हुआ हैं जो वहां कू खूबसूरती को और भी अच्छी तरह से पर्दशित करती हैं। उत्तराखंड पहले उत्तरांचल के नाम से जाना जाता था जिसकी राजधानी देहरादून हैं जो कि दून वैली पर बसा हुआ हैं जो हर तरफ से प्राकृतिक दृश्यों से घिरा रहता हैं।
उत्ताराखंड मुख्य रुप से दो भागों में बटा हुआ हैं पहला हिस्सा इसका गढ़वाल हैं तो दूसरा हिस्सा इसका कुमाऊं हैं बता दे कि उत्तराखंड को उसके प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों, घने जंगलों, ग्लेशियरों और बर्फ से ढंकी चोटियों के लिए जाना जाता हैं।


जब भी भारत में कहीं पर्यटन स्थलों का जिक्र होता हैं तो सबसे पहले उत्तराखंड का नाम आता हैं क्योकि घूमने फिरने के लिए उत्तराखंड बेहतर पर्यटन स्थल हैं। इसलिए तो उत्तराखंड को देवी भूमि यानि की ईश्वर की धरती के रुप में जाना जाता हैं। यूं तो उत्तराखंड घूमने के लिए सबसे सही प्रदेश हैं पर इसी के साथ धर्म के मामलें में भी उत्तराखंड बेहतर प्रदेश हैं क्योकि हिंदुओं की चारधाम यात्रा इसी राज्य में हैं बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री यहीं पर मौजूद हैं। उत्तर का यह राज्य गंगा और यमुना समेत देश की प्रमुख नदियों का उद्गम स्थल भी है इतना ही नहीं यूनेस्को की ओर से कहा गय़ा हैं कि उत्तराखंड, वैली ऑफ फ्लॉवर (फूलों की घाटी) का भी घर है हैं जो पूरें विश्व में और कहीं नहीं हैं।

कहा कहां घूम सकते हैं
यूं तो उत्तारखंड पूरा ही एक ऐसा स्थल हैं जो घूमने के लिए हैं पर इसमें भी कई ऐसी जगह हैं जो बेहद ही खूबसूरत हैं जहां जाकर ऐसा लगता हैं मानों आप स्वर्ग में आ गए तो लिए बात करते हैं इन राज्यों की।

नैनीताल, उत्तर-काशी, मसूरी और चमौली यें उत्तराखंड के हिल स्टेशन हैं जहां हर रोज लाखों लोग घूमने आते हैं। इसके साथ ही हरे-भरे और घने जंगल इसे 12 नेशनल पार्क और वाइल्डलाइफ के कारण भी स्टूडेंट यहां घूमने आते हैं। उत्तराखंड घूमने फिरने के साथ साथ धार्मिक यात्रा के लिए भी काफी महत्वपूर्ण हैं जहां हर रोज देश और दुनिया भर के लोग यहां घूमने आते हैं। उत्तराखंड युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक हर किसी की पहली पसंद हैं क्योकि बुजुर्गो के लिए उत्तराखंड धार्मिक स्थल के रुप में हैं और युवाओं के लिए यहां ट्रैकिंग, क्लाइंबिंग और वाटर राफ्टिंग जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स के कारण पहली पसंद हैं।

उत्तराखंड के हिल स्टेशन
उत्तराखंड चारधाम यात्रा के अलावा अपने हिल स्टेशनों के लिए भी जाना जाता हैं। जैसे मसूरी, चोपटा, अल्मोड़ा, नैनीताल, धनौल्टी, लैंसडाउन, वैली ऑफ फ्लॉवर और सत्तल के लिए उत्तराखंड काफी प्रसिद्ध है। ये
भारत के कुछ हिल स्टेशन हैं जो उत्तराखंड को सही रुप से प्रदर्शित करते हैं। हरियाली से ओतप्रोत, बर्फ की चादर ओढ़े चोटियों और रंगबिरंगे फूलों से भरे हैं। वैली ऑफ फ्लॉवर में तो 250 प्रकार के फूलों की प्रजातियां हैं जो आंखों को सुकून देते हैं। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून अंग्रेजों के शासनकाल से ही सबसे खूबसूरत हिल स्टेशन है। यह प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल और भारत के सबसे पुराने शहरों में से एक है। मसूरी अपनी हरी-भरी पहाड़ियों और विविध वनस्पतियों और जीवों के लिए जानी जाती है। आप इस शहर से हिमालय की बर्फ से ढंकी लंबी पर्वतमाला के विहंगम दृश्य देख सकते हैं। इनके अलावा नैनीताल भी अपनेआप में ऐसी ही खूबसूरती समेटे हुए है और आप यहां भी यादगार पर्यटन के लिए जा सकते हैं।

वाइल्डलाइफ का कारण मशहूर
उत्तराखंड अपनी वाइल्डलाइफ के कारण भीं काफी मशहूर हैं। उत्तराखंड में विभिन्न वाइल्डलाइफ अभ्यारण्य और पार्क पाए जाते हैं। देहरादून जिले में मशहूर आसन बैराज भी है, जहां यमुना और आसन का संगम है। कस्तूरी मृग के संरक्षण के लिए स्थापित एस्काट कस्तूरी मृग अभयारण्य भी यहीं है। तेंदुआ, हिरण, भालू, जंगली बिल्ली, उदबिलाव जैसे कई जंगली जानवर यहां बहुलता से पाए जाते हैं। नैनीताल जिले में सबसे बड़ा और पुराना नेशनल पार्क ‘जिम कार्बेट नेशनल पार्क’ स्थित है। यह पार्क विभिन्न जंगली जानवरों के अलावा बाघों के लिए जाना जाता है। भारत सरकार यहां प्रोजेक्ट टाइगर अभियान चला रही है। उत्तरकाशी जिले में गोविंद वाइल्डलाइफ अभ्यारण्य लुप्तप्राय: जानवरों के लिए महत्वपूर्ण स्थान और शरणस्थली है। यहां आयुर्वेदिक से लेकर एलोपैथिक दवाओं से जुड़े पौधे और वनस्पतियां मिलती हैं। बर्फीला तेंदुआ भी यहां देखा जा सकता है।

धार्मिक स्थल
हिंदू धर्म में उत्तराखंड सबसे महत्वपूर्ण और सबसे पवित्र धार्मिक स्थानों में गिना जाता है। बद्रीनाथ और केदारनाथ उत्तराखंड के ऐसे दो तीर्थ स्थल हैं जो सदियों पुराने हैं और जो विश्व में अपनी एक अलग पहचान रखते हैं। भगवान शिव के अनोकें मंदिर यहां पाए जाते हैं। द्रीनाथ चार धामों में से एक है और सबसे पवित्र स्थलों में से है। केदारनाथ भी बद्रीनाथ जितना ही पवित्र और दर्शनीय स्थल है। यहां प्राचीन शिव मंदिर है, जहां 12 ज्योर्तिलिंग में से एक शिवलिंग विराजमान हैं। गंगोत्री धरती का वह स्थान है, जिसे माना जाता है कि गंगा ने सबसे पहले छुआ। देवी गंगा यहां एक नदी के रूप में आई थीं। यमुनोत्री यमुना नदी का स्रोत है और इसके पश्चिम में पवित्र मंदिर है। हरिद्वार गंगा नदी के तट पर स्थित है। यह हिंदुओं का प्राचीन तीर्थस्थल है। ऋषिकेश सभी पवित्र स्थानों के लिए प्रवेश द्वार है।

कब जाए घूमने
अगर आप उत्तराखंड घूमने जाना चाहते हैं तो आप गर्मियों के दिनों में जाए क्योकि गर्मियों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है।इसलि ए आप यहां गर्मियों में जाए क्योकि सर्दियों में यहां बहुत ठंड होती हैं। बता दे कि उत्तराखंड में सबसे अधिक बारिश होती हैं। उत्तराखंड में घूमने का सर्वश्रेष्ठ समय मार्च से जून के बीच और सितंबर-अक्टूबर का महीना होता है।

घूमने के लिए सलाह
दुर्गम इलाकों में सुरक्षित यात्रा के लिए ध्यान से गाड़ी चलाना जरूरी है।
ट्रैकिंग या अन्य किसी कारण से, बाहर निकलें तो अपने साथ एक नक्शा रखें।
यह पहाड़ी क्षेत्र है। आमतौर पर शाम के बाद बहुत ठंडक हो जाती है। गर्म कपड़े हमेशा साथ रखें।
बरसात के मौसम में पहाड़ियों में यात्रा करने से बचें। इस मौसम में भूस्खलन का खतरा होता है।

यात्रा के दौरान खर्च
उत्तराखंड, देश के उन प्रमुख राज्यों में हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग घूमने जाते हैं। लोगों के यहां आने की अनेक वजहें हैं, जैसे: एडवेंचर स्पोर्ट्स, तीर्थयात्रा, प्रकृतिप्रेम, वाइल्डलाइफ का रोमांच और स्वास्थ्य लाभ लेना। आप अपनी सुविधा और पसंद के मुताबिक टूर पैकेज का विकल्प चुन सकते हैं। टूर पैकेज उत्तराखंड टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड (यूटीडीबी) और अनेक निजी ऑपरेटरों द्वारा उपलब्ध कराए जाते हैं। चार धाम पैकेज पर प्रति व्यक्ति करीब 10,000 रुपए का खर्च आ सकता है। दो धाम का खर्च भी करीब 8,500 रुपए तक लग सकता है।

लोकप्रिय स्थान
उत्तराखंड खूबसूरत पर्यटन स्थलों के अलावा कई दिलचस्प गतिविधियों का केंद्र भी है। इनमें औली में स्कीइंग की सुविधा, उत्तराखंड में कैंप लगाना, हेमकुंड साहिब में ट्रैकिंग, वैली ऑफ फ्लॉवर्स, ऋषिकेश में राफ्टिंग, माउंटेनिंग, रॉक क्लाइंबिंग, बर्ड वाचिंग, पैराग्लाइडिंग, वाइल्डलाइफ सफारी और गंगोत्री ग्लेशियर में ट्रैकिंग शामिल हैं।

 

क्या खाएं
उत्तराखंड में गढ़वाल और कुमाऊं दोनों क्षेत्रों के अलग-अलग खाद्य पदार्थों की बड़ी विविधता है, जो आपको अपना मुरीद बना लेगी। उत्तराखंड में स्थानीय साग-पत्ते और मसाले का मिश्रण खाने का स्वाद और बढ़ा देते हैं। आप यहां के खाने के लिए पारंपरिक स्वाद वाले भोजन भी चुन सकते हैं, जैसे मठरी और तिल लड्‌डू, मडुआ रोटी, दुबके के साथ चोलाई रोटी, गहत सूप, गहत रास्मी बड़ी (कोफ्ता), उड़द के पकौड़े (वडा), भांगजीरा की चटनी, आलू के गुटके, ितल की चटनी, बाल मिठाई, सिंगोडी, सिनसुक साग, झिंगारा की खीर, कापा की दाल और सिंघल।

पारंपरिक के साथ-साथ देश-विदेश की रसोई में बनने वाला भोजन भी विभिन्न होटलों में उपलब्ध रहता है। आप इन प्रमुख स्थानों में ये भोजन कर सकते हैं: साकल्ले रेस्टोरेंट, पिरामिड कैफे, चोटीवाला, लवली ऑमलेट सेंटर, लिटिल बुद्धा कैफे, कास्मांदा पैलेस रेस्टोरेंट, चेतन पूरीवाला और देवराज कॉफी कॉर्नर।