7 वीं बार निरस्त हुई चारधाम हवाई सेवाओं की निविदा, किसी बड़े फायदे को लेकर तो नहीं हो रहा खेल

देहरादून। गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ सूबे में चारधाम यात्रा की शुरूआत हो गई है। सूबे में चारधाम यात्रा को लेकर पर्य़टन विभाग से लेकर आपदा प्रबंधन विभाग तक की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। लेकिन इस बार एक तैयारी अधर में अटकी है। जी हां बात कर रहे हैं यात्रा में हवाई सेवाओं को लेकर चारधाम यात्रा में हवाई सेवाओं को प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने निविदा आमंत्रित की थी। लेकिन लगातार हवाई सेवाओं पर बन रहे गतिरोध के चवते लगातार 7 वीं बार निविदा को निरस्त कर दिया गया है।

बता दें कि नागरिक उड्डयन विभाग ने इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए चार स्थानों से हावई सेवाएं प्रदान करने हेतु निविदा मांगी थी। जिसमें सिरसी से केदारनाथ, गुप्तकाशी से केदारनाथ, फाटा से केदारनाथ, गोविंदघाट से घांघरिया लेकिन इन रूटों पर सिंगल टेंडर आने के वजह विभाग ने बताकर इस प्रक्रिया को निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही नई निविदा कोआने वाली 24 तारीख तक प्रक्रिया पूरी कर जमा करने का आदेश जारी किया है।

वहीं विमानन सेवाओं के आपरेटरों ने इस प्रक्रिया में जब टेण्डर जारी किए गए तभी सवाल उठाए थे । जिसको लेकर शिकायत  मुख्यमंत्री तक से हुई थी। जिसमें यूकाडा ने 6 बार संसोधन किया यानी कुल मिलकर इस बार 7वी बार टेण्डर निरस्त हुआ है। बीते साल कुल 13 ऑपरेटरों ने सेवाएं उपलब्ध कराई थीं। लेकिन मौजूदा वक्त में जब आने वाली 28 तारीख को चारधाम में केदारनाथ और 29 को बद्रीनाथ के कपाट खुलेंगे। लेकिन हवाई सेवाएं अधर में अटकी हैं। सूत्रों की माने तो इस बार अब यूकाडा ने 24 अप्रैल तक की आखिरी निविदा की तिथि निर्धारित की है। ऐसे में साफ है कि सरकार और विभाग को यात्रा में हवाई सेवाएं देने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का सहारा लेना पड़ेगा। अब देखने वाली बात ये होगी कि वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर किन ऑपरेटों को सरकार या विभाग चुनेगा या फिर इस बार हवाई सेवाओं के बिना ही चारधाम यात्रा होगी।

 अजस्र पीयूष शुक्ला