अटकलों पर लगा विराम, अकाली-बीजेपी मिलकर लड़ेंगे चुनाव

जालंधर। 2019 का लोकसभा चुनाव शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी की अलग-अलग लड़ने वाली अटकलों पर विराम लगाते हुए दोनों पार्टियों के प्रदेश प्रधानों ने एक साथ ढोल बजाए। दरअसल बीजेपी ने गुरु गोबिंद सिंह एवेन्यू में बजाओ ढोल, खोलो पोल रैली का आयोजन किया था, जिसका मकसद पंजाब की अमरिंदर सिंह सरकार की पोल खोलना है। रैली का मकसद प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कैप्टन को रेत खनन, बेरोजगारी, सेवा केंद्रों को बंद करने, चिट्टा और नशे के कारोबार, स्कूल बंद करने जैसे तमाम मुद्दों पर सरकार को नाकाम बताना है। जालंधर में पोल खोल की पहली रैली  में बोलते हुए बीजेपी के प्रधान विजय सांपला ने शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल की तरफ देखते हुए कहा कि पहले तो आप ही कहते थे कि बीजेपी के पल्ले कुछ नहीं है, लेकिन अब आपने भी देख लिया है कि बीजेपी के पल्ले क्या-क्या है।

सांपला ने कहा कि अगर हम मिलकर रहेंगे तो कैप्टन सरकार को उखाड़ सकते हैं। सांपला और सुखबीर ने गले में ढोल डालकर एक साथ बजाया। इसके बाद अकाली दल के प्रधान बादल ने कहा कि बीजेपी और अकाली दल का गठबंधन जारी रहेगा। बादल ने कहा कि चुनाव से पहले विपक्षी दल कहते थे कि पंजाब का 70 फीसदी युवा नशेड़ी है, लेकिन अब मैं उनसे पूछना चाहता हूं क्या पिछले एक साल में पंजाब के 70 फीसदी युवाओं का इलाज हो गया और वे नशे से बाहर हो गए। बादल ने कहा कि कैप्टन ने झूठा प्रचार करकेसत्ता हासिल की है। हमारे कार्यकाल के आखिरी साल में सरकार को 20 हजार करोड़ रुपए वैट मिला था जबकि कैप्टन सरकार को इस साल 26.50 हजार करोड़ रुपए जीएसटी मिला है।

हमसे 6 हजार करोड़ रुपए ज्यादा। कैप्टन सरकार के वित्त मंत्री कहते हैं कि खजाना खाली है, कुछ नहीं कर सकते। मजीठिया ने कहा कि केजरीवाल के माफी मांगने से यह सिलसिला तो अब शुरू हुआ है। अभी एक दर्जन माफियां तो भाजपा के कदमों में पड़ने वाली हैं। मैंने उससे कहा था कि आज बेल, कल जेल। लोग कह रहे हैं कि बाकी ‘आप’ नेताओं ने माफी क्यों नहीं मांगी। उनके लिए मैं कहना चाहता हूं कि ‘झोटा मार दित्ता तां जूआं दा की करना’। झूठ की राजनीति करने वालों का झाड़ू अब तितर बितर हो चुका है।