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SC ने मानी केंद्र की सिफारिश, एक सप्ताह तक जल्लीकट्टू पर नहीं देगा फैसला

jalikatu chenni 2 SC ने मानी केंद्र की सिफारिश, एक सप्ताह तक जल्लीकट्टू पर नहीं देगा फैसला

नई दिल्ली/ चेन्नई। धार्मिक भावनाओं से जुड़े जल्लीकट्टू खेल पर आज तमिलनाडु में चक्का जाम है और अब वो इस खेल पर लगे बैन को हटाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। जहां एक ओर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पनीरसेल्वम ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर इस पर अध्यादेश लाने की मांग की और आज ऐलान किया सरकार दो-तीन दिन में अध्यादेश लाएगी लेकिन अब ऐसी खबरें आ रही हैं कि केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि वो इस मामले पर सुनवाई एक हफ्ते के लिए टाल दें और कोर्ट ने उनकी ये बात मान ली है।

jalikatu chenni 2 SC ने मानी केंद्र की सिफारिश, एक सप्ताह तक जल्लीकट्टू पर नहीं देगा फैसला

अपनी सिफारिश में केंद्र सरकार ने कहा कि धार्मिक भावनाओं को लेकर राज्य में प्रदर्शन हो रहा है और ऐसे में कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है ऐसे में इस मामले पर सुनवाई कुछ समय के लिए ना करें। हालांकि गुरुवार को तमिलनाडु के मरीना बीच पर जल्लीकट्टू आयोजित करने की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शनों में हस्तक्षेप करने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया था । सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को इसके लिए मद्रास हाईकोर्ट जाने को कहा था ।

Supreme Court SC ने मानी केंद्र की सिफारिश, एक सप्ताह तक जल्लीकट्टू पर नहीं देगा फैसला

बैन के खिलाफ आज उपवास करेंगे रहमान:-

काफी लंबे समय से जल्लीकट्टू बैन को लेकर बवाल मचा हुआ है कुछ लोग इस खेल का विरोध कर रहे है तो कुछ इसका समर्थन। कुछ दिन पहले तमिल सुपरस्टार कमल हसन ने इस मामले पर अपनी राय रखी थी और इस खेल का समर्थन किया था तो वहीं आज सिंगर ए आर रहमान ने इस बैन को लेकर उपवास करने की ऐलान किया है और इस बात की जानकारी उन्होंने ट्टीट करके दी।

 

जानिए क्या है जलीकट्टू खेल?

-जलीकट्टू तमिलनाडु का परंपरागत खेल है जो 400 सालों से अधिक समय से खेला जा रहा है।

-पोंगल के खास मौके पर बैलों की दौड़ कराई जाती है और लोग उसे अपने काबू में करने की कोशिश करते है।

-इस त्योहार पर मुख्य रुप से बैल की पूजा की जाती है क्योंकि बैल के जरिए किसान अपनी जमीन जोतता है। इसी के जरिए बैल दौड़ का आयोजन किया जाता है।

-इस प्रथा को परंपरा के तौर पर निभाते है।

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