नई जनसंख्या नीतिः सपा संसाद का बेतुका बयान, कहा- पैदाइश अल्लाह का कानून है, इससे खिलवाड़ करना ठीक नहीं

लखनऊः विश्व जनसंख्या दिवस (World Population Day) के मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने नई जनसंख्या नीति (New Population Policy) का विमोचन किया। जिसके बाद सियासी गलियारों में चर्चा गर्म हो गई। संभल से समाजवादी पार्टी (Samajwadi party) के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने विवादित बयान देते हुए कहा कि पैदाइश अल्लाह का कानून है और इससे खिलवाड़ करना ठीक नहीं।

संसाद शफीकुर्रहमान ने कुरान का हवाला देते हुए कहा कि दुनिया को रब ने पैदा किया है। पैदाइश अल्लाह की देन है, अल्लाह का कानून है, इससे खिलवाड़ करना ठीक नहीं है।

अल्लाह जिसे पैदा करना चाहता है उसे कौन रोक सकता है- बर्क

बर्क का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी सरकार चलाने में फेल हो गई है। वह नए-नए कानून लाकर जनता को उलझाना चाहती है। बर्क ने कहा कि अगर आबादी ज्यादा घट गई तो किसी मुल्क से लड़ाई हुई तो क्या होगा? सपा सांसद बर्क ने कहा कि जिस नई जनसंख्या नीति लाने की बात हो रही है उससे आवाम को कोई लाभ नहीं होगा। अल्लाह जिसे पैदा करना चाहता है उसे कौन रोक सकता है भला। वह तो पैदा होकर ही रहेगा। फिर चाहे वो गरीब हो या अमीर। सभी को खाना अल्लाह के रहमों-करम से मिलता है।

शफीकुर्रहमान ने कहा कि हम कानून मानने वाले हैं, लेकिन जनसंख्या अल्लाह का कानून है। अल्लाह ने जितनी रूहें पैदा की हैं उन्हें इंसान की शक्ल में आने से कौन रोकेगा? आप लोगों को सजा देंगे, इना नहीं दे सकते।

शादी पर लगे, ताकि न शादी हो और न बच्चे हों- बर्क

बर्क ने कहा कि दो से ज्यादा बच्चे हो जाएंगे तो आप तनख्वाह नहीं देंगे आप। चुनाव नहीं लड़ने देंगे। गरीब हो या अमीर, बच्चे की शादी कर बच्चों की दुआ मांगी जाती है, जिस पर रोक लगाने का मतलब है कि अल्लाह से टकराना है। सरकार जनसंख्या नियंत्रण करना चाहती है तो शादियों पर ही रोक लगा दे, न होगी शादी और न ही पैदा होंगे बच्चे।

कोरोना को बताया था आसमानी आफत

बता दें कि ये कोई पहला मौका नहीं है जब सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने ऐसा बेतुका बयान दिया हो। इससे पहले भी वह कई बार विवादित बयान देकर चर्चा का विषय बने रहे हैं। शफीकुर्रहमान ने कुछ दिनों पहले कहा था कि कोरोना कोई बीमारी नहीं, बल्कि अल्लाह द्वारा हमारे गुनाहों की सजा है।

नमाज से भागेगा कोरोना

उन्होंने कहा था कि मस्जिद और ईदगाज में नमाज की लगी पाबंदी को हटाया जाना चाहिए, क्योंकि जब सभी लोग मस्जिद में नमाज पढ़ेंगे तभी ये मुल्क बचेगा। उन्होंने ये बी कहा था कि बीते सात सालों में मोदी सरकार ने शरीयत से छेड़छाड़ की है उसी के कारण ये आसमानी आफत आई है।

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