September 19, 2021 10:25 pm
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नोएडाः 25 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पंजाब के सीएम की पत्नी को भी बना चुके हैं निशाना

नोएडाः 25 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पंजाब के सीएम की पत्नी को भी बना चुके हैं निशाना

गौतमबुद्ध नगरः नोएडा में अपने साथियों के संग मिलकर देश के अलग-अलग विभागों के रिटायर कर्मचारियों से तरकीबन 25 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले एक कुख्यात गिरोह को साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता पाई है।

उत्तर प्रदेश साइबर अपराध के पुलिस अधीक्षक डॉक्टर त्रिवेणी सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि नूर अली अपने भाई अफसर अली और साथी सफरुद्दीन अंसारी, कलीम अंसारी, अहमद अंसारी, अंकित कुमार और छोटन मंडल निवासी जामतारा, झारखंड के साथ मिलकर ठगी का गिरोह चला रहा था।

ट्रेजरी ऑफिसर बनकर करते थे ठगी

ये गिरोह ट्रेजरी ऑफिसर बनकर रिटायर हुए कर्मियों को पेंशन का डाटा अपडेट करने के लिए कॉल कर, बैंक खाते से संबंधित जानकारी हासिल कर उनसे ओटीपी मांग कर उनके खाते से ऑन-लाइन सक्रिय कर लेते थे। उसके बाद उनके खाते में जमा धनराशि को फर्जी खातों में अंतरित कर लेते थे। पुलिस ने आरोपी नूर अली को मंगलवार को सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधीक्षक डॉक्टर त्रिवेणी सिंह के मुताबिक साइबर क्राइम टीम को जांच के दौरान आरोपी के विभिन्न बैंक के 80 खातों के बारे में जानकारी मिली। इन खातों में करीब डेढ़ लाख रपुए पर पुलिस ने रोक लगा दी और साथ ही 40 वॉलेट में जमा करीब 1 लाख 80 हजार रुपए पर भी पाबंदी लगा दी।

रिटायर हुए पुलिसकर्मियों से भी करते थे ठगी

उन्होंने बताया कि आरोपियों का मुख्य निशाना रिटायर हुए पुलिसकर्मी होते थे। ये लोग रिटायर होकर घर पहुंचने वाले पुलिसकर्मियों को कॉल करते थे, और उन्हें पूर्व में उनकी पोस्टिंग और पहले से इकट्ठा की गई अन्य संबंधित जानकारियां उन्हें देते हुए उनके मोबाइल पर एक ओटीपी भेज कर उनसे कहते थे कि आपका नौकरी के दौरान कुछ एरियर बाकी है, जो आपके खाते में भेजा जाएगा। इस पर पुलिसकर्मी उनको ओटीपी बताते थे और वे इसके जरिए उनके बैंक खाते की नेट बैंकिंग एक्टिवेट कर लेते थे। बाद में आरोपी कर्मचारियों के खाते में जमा रकम अपने खातों में ट्रांसफर कर लेते थे।

120 से ज्यादा बैंक अकाउंट सील

जांच में पुलिस ने आरोपी के 120 खातों और वॉलेट के बारे में पता चला। इनमें से कुछ बैंक खातों में आरोपी अपने सहयोगियों से जामतारा से उपलब्ध कराए थे। ठगी से मिलने वाली रकम में सभी का कमीशन फिक्स होता था। रोपी अपने साथियों का पैसा एटीएम डिपॉजिट मशीन के माध्यम से उनके खातों में जमा करवा देते थे।

पंजाब के सीएम की पत्नी से भी कर चुके हैं ठगी

उन्होंने बताया कि इस गिरोह ने 2019 में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी और सांसद परनीत कौर के खाते से 23 लाख रुपये ठगी कर निकाल लिए थे। बाद में पंजाब पुलिस ने इस मामले में 800 सिम कार्ड और 200 बैंक खातों को जब्त कर 18 लाख रुपये बरामद कर लिए थे। गिरोह का एक सदस्य और गिरफ्तार हुआ नूर अली का भाई अफसर अली वर्तमान में झारखंड की जामतारा जेल में बंद है।

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