भाकियू ने किया टोल पर कब्जा, बात करने पहुंचे डीएसओ को भी सड़क पर बैठाया

कल यानी 19 जुलाई से संसद का मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है। जिसे देखते हुए किसान संगठनों ने कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर 22 जुलाई को संसद का घेराव करने का ऐलान किया है। जिसको लेकर दिल्ली पुलिस ने आज संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं के साथ बैठक बुलाई है।

प्रदर्शन की इजाजत देने के मूड में नहीं है पुलिस

दरअसल दिल्ली पुलिस संसद भवन के बाहर प्रदर्शन की इजाजत देने के मूड में नहीं है। इसी मुद्दे पर सिंघु बॉर्डर के पास मंत्रम बैंक्विट हॉल में पुलिस और किसान नेताओं के बीच बैठक हो रही है। जिसमें ज्वाइंट सीपी और डीसीपी स्तर के अधिकारी मौजूद हैं। तो वहीं किसानों की ओर से बैठक में 9 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल मौजूद है।

जंतर मंतर का दिया जा सकता है विकल्प !

बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस का प्रयास है कि किसान नेताओं को इस बात के लिए मना लिया जाए कि वो संसद मार्च का इरादा छोड़ दें। उसकी जगह किसी अन्य स्थान पर अपने संसद मार्च या धरना प्रदर्शन करने के लिए तैयार हो जाए। किसानों को जंतर मंतर का विकल्प दिया जा सकता है। इसमें भी सीमित संख्या में ही किसान शामिल हो सकेंगे।

7 मेट्रो स्टेशनों को अलर्ट पर रखा

वहीं दिल्ली-NCR के 7 मेट्रो स्टेशनों को अलर्ट पर रखा गया है। ताकि जरूरत पड़ने पर कभी भी बंद करवाया जा सके। पुलिस ने मेट्रो को पत्र लिखकर कहा है कि मॉनसून सत्र में किसानों ने संसद के घेराव का ऐलान किया है। इसके मद्देनजर जरूरत पड़ने पर इन मेट्रो स्टेशनों को बंद किया जा सके। पत्र में लोक कल्याण मार्ग, जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, मंडी हाउस और उधोग भवन को अलर्ट पर रखने की बात कही गई है।

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