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फिक्‍की के निजी सुरक्षा उद्योग सम्मेलन में श्रम-रोजगार राज्‍य मंत्री संतोष कुमार ने बताया रोजगार का नया क्षेत्र

santosh kumar gandvar minister फिक्‍की के निजी सुरक्षा उद्योग सम्मेलन में श्रम-रोजगार राज्‍य मंत्री संतोष कुमार ने बताया रोजगार का नया क्षेत्र
  • संवाददाता, भारत खबर

नई दिल्ली। एक प्रभावशाली, कर्मठ और ईमानदार “चौकीदार” का महत्व और उपयोगिता क्या है, यह आप सभी ने अब स्वीकार कर लिया होगा। एक जिम्मेदार चौकीदार देश, राज्य, संस्था और यहां तक कि परिवार की सुरक्षा और समृद्धि के लिए अत्यन्त आवश्यक है। इस महत्व को समझते हुए आज फिक्की द्वारा आयोजित “Private Security Industry Conclave” 2019 में आप सभी के सामने अपनी बात रखते हुए मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है।

Private Security Industry देश में 5 सबसे अधिक रोजगार देने वाले क्षेत्रों में से एक है। इसकी विशेषता खास कर के यह है कि इस क्षेत्र में प्रमुख रुप से ग्रामीण क्षेत्र और समाज के आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के लोगों को रोजगार मिलता है। मुझे यह बताया गया है कि Private Security Industry के क्षेत्र में लगभग 50 लाख से अधिक सुरक्षा कर्मचारी कार्यरत हैं। जिस प्रकार हमारी देश की सैन्य शक्ति सीमा पर सशक्त और चौकन्ने चौकीदार की भांति हमारी रक्षा कर रही है। उसी प्रकार से Private Security Industry में काम कर रहे श्रमिक हमारे संस्थानों जैसे फैक्ट्री, दुकानें, Offices, बैंक इत्यादि की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं।

मुझे यह कहते हुए प्रसन्नता हो रही है कि Private Security Industry में बहुत से अनौपचारिक श्रमिकों को औपचारिक रुप से लगाया गया है। इनमें काम कर रहे Security Guards को प्रधानमंत्री जन धन योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना तथा सबसे महत्वपूर्ण प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना के माध्यम से इस क्षेत्र में Formally लगाया गया। प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना के कारण जिसमें 3 साल के लिए Employer का Contribution केन्द्र सरकार देती थी, Security Guards को Provident Fund का लाभ मिला है। इसके अलावा Private Security Industry में Recognition of Prior Learning  और नए लोगों के प्रशिक्षण के माध्यम से कौशल विकास में भी योगदान दिया है। RPL के तहत 9 लाख से अधिक Security Guards को प्रमाण-पत्र प्राप्त हुए हैं।

श्रम और रोजगार मंत्रालय में 2014 से ही श्रम कानूनों में बदलाव करने का प्रयास शुरु कर दिया था तथा 50 साल से अधिक पुराने श्रम कानूनों को 4 Labour Codes में संहिताबद्ध करने का काम चल रहा है। इसी क्रम में Code on Wages को Parliament ने 2 अगस्त, 2019 को पास कर दिया है।

इस कोड के पास होने के साथ ही साथ हमने सभी 50 करोड़ मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी का कानूनी अधिकार दे दिया है। मैं यहां पर कहना चाहूंगा कि यह कानूनी हक सभी संगठित तथा असंगठित मजदूरों को एक समान रुप से दिया गया है। इसका अर्थ यह है कि Security Guards को भी Wage Codes के तहत न्यूनतम मजदूरी दर और समय पर वेतन मिलने का कानूनी अधिकार प्राप्त हो गया है। यह देखने में आया है कि न्यूनतम मजदूरी दर कानून होने के बाद भी राज्यों में न्यूनतम मजदूरी दरों में बहुत विषमता रही है।  Security Guard  का ही उदाहरण लें तो कहीं पर इनकी न्यूनतम मजदूरी की दर 13 हजार रुपए मासिक तय की गयी है और किसी प्रदेश में 5 हजार रुपए प्रति माह भी तय की गयी है। इन विषमताओं को दूर करने के लिए हमने Wage Code में National Minimum Floor Wage का प्रावधान किया है और कोई भी राज्य सरकार इस Floor Wage के नीचे न्यूनतम मजदूरी की दर तय नहीं करेगी। मुझे आशा है कि इस कदम से न्यूनतम मजदूरी दर का अलग-अलग राज्यों में जो अन्तर है वह काफी हद तक कम होगा। इसके अलावा श्रमिकों की सुरक्षा और काम करने की परिस्थितियों से संबंधित Occupational Safety Health and Working Condition Code  को भी लोकसभा में 23 जुलाई, 2019 को Introduce कर दिया गया है। यह कोड सुनिश्चित करेगा की हमारे श्रमिकों को काम करने की जगह पर आवश्यक सहुलियतें मिलें और ऐसा वातावरण दिया जाये, जिससे उनकी उत्पादकता में वृद्धि हो। इसके साथ साथ मैं आप सभी को यह भी बताना चाहूंगा कि Labour Code के माध्यम से Compliance और Implementation बहुत ही सरल हो जाएगा। Multiple License, Multiple Registration और Multiple Returns की जगह एक रजिस्ट्रेशन एक लाइसेंस और एक रिटर्न का सरल प्रावधान होगा जिससे इण्डस्ट्री को काफी सहुलियत होगी तथा उनके समय और संसाधनों की भी बचत होगी।

हमने सभी को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के लिए एक सरल और अनूठी स्कीम लॉन्च की है जो है प्रधानमत्री श्रम योगी मान धन योजना। इस योजना के तहत बहुत कम योगदान जैसे 55 रुपए से लेकर 200 रुपए तक का मासिक योगदान करने पर उतनी ही राशि केन्द्र सरकार द्वारा दी जाती है तथा 60 साल की उम्र के बाद श्रमिक को 3 हजार रुपए प्रतिमाह की पेंशन मिलेगी। यह योजना खासकर उन श्रमिकों के लिए है, जिनका वेतन 15 हजार रुपए प्रतिमाह तक है। मैं आप सभी नियोक्ताओं से यह अपील करता हूं कि आप अपने Security Guards के लिए इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

मुझे यह जानकर बहुत संतोष हुआ कि Private Security Industry के लिए अलग से एक Private Security Act 2005 में आया था। इसके अलावा, केन्द्र में श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 2017 में Security Guards को Skilled Workers की श्रेणी में रखा, जिससे इनकी न्यूनतम मजदूरी दर में बढ़ोत्तरी हुई है। मैं राज्य सरकारों से भी अपील करुंगा कि वे Security Guards को केन्द्र की ही भांति Skilled Category में रखें, जिससे उन्हें Skill Training करने के लिए प्रोत्साहन मिले।

मैं, आप सभी को आश्वस्त करना चाहूंगा कि हमारी सरकार का उद्देश्य है “ Minimum Government Maximum Governance ” इसी उद्देश्य से प्रेरित होकर हमने Technology का उपयोग Compliance Mechanism को सरल बनाने में किया है। Labour Inspector की जिम्मेदारी अब एक फैसिलिटेटर की भी होगी जो समय-समय पर आप को बताएगा कि कानूनी प्रावधानों का पालन सरलता से कैसे करना है। इसके अलावा Inspector एक पारदर्शी Scheme के तहत Inspection करेगा तथा 48 घंटे में Inspection Report website पर डालेगा। हम एक पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त निरीक्षण तंत्र स्थापित करना चाहते हैं, जिससे ईमानदार नियोक्ता को व्यापार करने में सहजता हो तथा साथ ही साथ श्रमिकों के हितों की भी सुरक्षा हो।

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