सूर्यकुंड को पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए शासन ने जारी की 5 लाख की राशि

विकास के लिए चल रही योजनाओं में एक और नाम सूर्यकुंड को पर्यटन स्थल बनाने कि लिए प्रशासन ने 5 लाख रुपए की राशि सरकार ने दी है।ऐतिहासिक धरोहर सूर्यकुंड को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाना है। सूर्यकुंड को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की जिम्मेदारी उप्र स्टेट कांस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलमेंट कारपोरेशन को दी गई है।

 

 

गौरतलब है कि शहर से सटे ग्राम मझिया में स्थित सूर्यकुंड का ऐतिहासिक महत्व है। इसे पर्यटन स्थल बनाने के लिए पिछले कई वर्षों की जाती रही है।लोगों की मांग पर सपा सरकार कार्यकाल में सांसद धर्मेंद्र यादव की की सिफारिस पर सूर्यकुंड को विकसित करने का काम शुरू किया गया था।

हिमाचलः चौपाल में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होगा नया मास्टरप्लान तैयार, विधायक बलवीर सिंह

आपको बता दें कि समाजवादी पार्टी की सरकार में एक करोड़ 10 लाख रुपये खर्च किए गए थे। इस धनराशि से बाउंड्री का निर्माण हुआ था। बाकी सौंदर्यीकरण के नाम पर सिरफ खाना पूर्ती ही पुई थी। प्रदेश में सरकार बदलने के बाद सूर्यकुंड का विकास कार्य अधूरा पड़ा है।स्थानीय लोगों ने सूर्यकुंड को पर्यटन स्थल बनाने के लिए भाजपा नेताओं से मांग की पिछले दिनों विभिन्न कार्यक्रमों में आए प्रदेश के मंत्रियों के सामने सूर्यकुंड को विकसित करने का मुद्दा उठा था।

आपको बता दे कि भाजपा विधायकों की पहल पर योगी सरकार ने ऐतिहासिक सूर्यकुंड को पर्यटक स्थल बनाने की योजना पर अमल किया और तहत पहली किस्त के रूप में पांच लाख रुपये मिल गए हैं। शहर में कोई ऐसा स्थल नहीं है, जहां लोग परिवार समेत घूमने जा सकें। इसी के चलते शहर के लोगों ने सूर्यकुंड को पर्यटन स्थल बनाने के लिए आवाज उठाई थी।